सुबह के 6 बजे से मैने यात्रा करनी शुरू कर दी है बस बाबा के धाम पहुंचने की तमन्ना है और केदारनाथ धाम की यात्रा की शुरुआत हरिद्वार से ही हो जाती है जहां बस के माध्यम से आप गौरीकुंड तक पहुंचते हैं और गौरीकुंड वो स्थान है जहां से आप 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके बाबा केदारनाथ जी के धाम तक पहुंच सकते है।
यहां पर आप एक छड़ी लेकर जरूर जाएं क्योंकि जब आप ऊपर की चढ़ाई करते हैं तो पैरों में ज्यादा पावर लगता है अगर छड़ी साथ हैं तो आधा ताकत हाथ झेल लेता है ये लगभग 50 रुपए का मिल जाएगा।
मंदाकिनी नदी के किनारे बसे केदारनाथ धाम के लिए हरिद्वार से यात्रा शुरू करके आप ऋषिकेश, प्रयाग , श्रीनगर, रुद्र प्रयाग, अगस्ति मुनि से होते हुए सोनप्रयाग तक पहुंचते है और यहां से मात्र 50 रुपए से प्रति व्यक्ति देकर शेयरिंग जीप से आप गौरीकुंड तक आ आ जाते है हरिद्वाद से गौरीकुंड तक पहुंचने में आपको पूरा दिन लग जाता है गौरीकुंड से लगभग आप 300 से 400 मीटर दूर आगे बढ़ते हैं तो आपको पहला घोड़े का पड़ाव मिलेगा और यही से घोड़ा ख़चड़ ऊपर चढ़ाई के लिए मिल जाता है और गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक जाने के लिए 3000 रुपए देने होते है
हरिद्वाद से गौरीकुंड की बस आपको हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने सुबह 3 से 4 बजे के आस पास मिलती हैं जिसके लिए आपको 700 से 800 रूपये देने पड़ सकते हैं वहीं प्राइवेट टैक्सी के 10000 से भी ज्यादा देने पड़ सकते हैं
गौरीकुंड के लगभग 4 किलोमीटर पहले सोनप्रयाग पड़ता है और यहां होटल के अच्छे और ज्यादा ओप्शन मिल जाते हैं जबकि गौरीकुंड में कम ऑप्शन है और फैसेलिटी भी कम मिलती है पर गौरीकुंड रुकना प्रेफर करें इससे आप अपनी यात्रा सही समय पर स्टार्ट कर पाएंगे।
मै गौरी कुंड में रुका था एक लॉज में जिसका रूम रेंट 3000 मुझे पड़ा ये कम में भी मिल जाता है पिक सीजन में 3 से 3500 तक के रेट हो सकते हैं इससे भी कम के प्राइस में भी रूम था जो मुझे 1000 का पड़ रहा था लेकिन उसमें अटैच बाथरूम नहीं था।
गौरी कुंड से केदारनाथ जी के मंदिर के इस वो6 किलोमीटर की ट्रैक में कई पॉइंट्स पढ़ते हैं जिसमें पहला पॉइंट गौरीकुंड से लगभग 4 किलोमीटर दूर जंगलचट्टी पड़ता है और ये पॉइंट खाने पीने के लिए उत्तम जगह है जबकि इसके एक किलोमीटर बाद भीम बली पड़ता है और भीम बली से एक किलोमीटर आगे पड़ता है रामगढ़।
लगभग 6 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद मै पहुंच चुका हूं भीम बली में अगर आप पैदल हैं तो उसका रास्ता अलग और खच्चर से आ रहे हैं तो उसका रास्ता अलग होता है। मै गौरी कुंड से निकलता था 6 बजे और भीम बली में जाकर रुका 10 बजकर 30 मिनट पे लगभग 4 घंटे से ज्यादा समय तक में चल। देखते हैं केदारनाथ जी पास कब तक पहुंचते हैं।
2026 में बहुत कुछ चेंज हो गया है जैसे टेंपररी टॉयलेट को परमानेंट कर दिया गया है साफ सफाई का ध्यान रखा जा रहा है और जगह जगह पर wifi देखने को मिलते हैं। केदारनाथ जी की यात्रा का सबसे आसान और तेज माध्यम हेलीकॉप्टर का होता है और हेलीकॉप्टर आपको गुप्त काशी फाटा और सरसी नाम के जगहों से मिलते हैं और इसकी बुकिंग ऑनलाइन कर सकते हैं।
यहां आप पीने का पाने ( बोतल) लेते हैं तो 50 रुपए का पड़ेगा। यात्रा के दौरान रेनकोट ग्लब्स जैकेट इनर सॉक्स विंटर कैप और अंब्रेला जरूर कैरी करें और जूते भी अच्छी क्वालिटी के रखें हालांकि अगर आप कुछ भी भूल जाते हैं तो गौरीकुंड में यात्रा के लिए सभी आवश्यक चीजें मिल जाती है लेकिन यहां आपको महंगा पड़ सकता है।
रामबाड़ा के बाद ही केदारनाथ धाम की असली चढ़ाई शुरू होती है इसलिए आपको चलने में परेशानी हो रही हो तो भीम बली से ही खच्चर हायर कर लें क्योंकि इसके आगे खच्चर हायर करने का ऑथराइज पॉइंट लिनचोली में है जहां से केदारनाथ धाम केवल 3 किलोमीटर है
ऊपर चढ़ाई के लिए खच्चर हायर करते हैं तो 6000 रुपए लगेगा केवल जाने का आने के भी 6000 आपको देना पड़ेगा अगर आप पालकी से जाना चाहते हैं तो ये आपको 10000 रुपए का पड़ेगा आने और जाने का,
केदारनाथ धाम की यात्रा अगर आप पिट्ठू से करना चाहते हैं तो अपने वेट के अकॉर्डिंग डिसाइड कर ले अगर 70 किलोग्राम का कोई इंसान है तो 10000 रुपए भी लग सकते हैं अगर बच्चे हैं तो 6 से 7000 रुपए में भी काम हो जाएगा। बर्फ की वजह से मुझे कीचड़ का सामना करना पड़ा।
शाम 5 बजे मै GMVN के कैंप में पहुंच गया जहां मै रुकने वाला हूं एक शेयरिंग कैंप है जिसमें अगल बगल 5 5 बेड है लगभग एक कैंप में 10 लोगों का सोने का बेड होता है और ये मुझे 1100 रुपए का पड़ा साथ में डिनर भी, एक और खास बात कैप की बुकिंग 2 महीने पहले करा कर रख ले तो ज्यादा सही होगा नहीं तो आपको कैंप की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
लगभग 20 से 22 घंटे लगते हैं केदारनाथ धाम पहुंचने में अगर आप रुक रुक कर आते हैं तो मैं रात में पहुंचा था यहां पर भगवान शिव जी की शिवलिंग के अलावा पांचों पांडव की भी मूर्ति बनाई गई है लेकिन भीम जी की मूर्ति नहीं है पुराने पत्थरों से बने मंदिर है नंदी जी की मूर्ति है।
केदारनाथ धाम में आपके आस पास रुकने की भी व्यवस्था है जोकि शुरुआती दिनों लगभग फुल होते हैं और उनके रेट भी 2000 से 4000 रुपए तक होते हैं। केदारनाथ की पीछे बहुत से लोग अपना खुदका टैंट लगाए हुए थे चाहे तो आप अपना खुदका टैंट ला सकते हैं और साथ में ठंड का अरेंजमेंट भी कर लें। क्योंकि यहां का टेंपटलरेचर माइनस में चला जाता है।
जैसा कि आप जानते हैं कि केदारनाथ धाम साल के 6 महीने ही खुलता है जो मई से शुरू हो जाता है और बंद होता है दिवाली के बाद और आपके लिए सबसे अच्छा समय मई और जून हो सकता है इसका बाद आप सितम्बर से अक्टूबर के बीच में जा सकते हैं।
केदारनाथ धाम के पट सुबह के 5 बजे से दुपहर के ए बजे तक खुले रहते हैं और इसके बाद शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक ओपन रहता है और यहां पर एयरटेल vi और jio तीनों का नेटवर्क मिल जाएगा लेकिन अच्छी क्वालिटी नहीं रहेगी। मंदिर के बाहर बहुत से लोग पूजा पाठ भी करते है GMVN में आप ब्रेकफास्ट भी कर सकते हैं जो मुझे 150 रुपए में 4 पुड़िया और सभी सब्जी मिली। मेरे हिसाब से ये थोड़ा कम है लेकिन एक या दो दिन की ही बात है समझ कर मैनेज हो जाता है।
यहां पर आप प्रसाद बाहर से लेकर चढ़ा सकते हैं और प्रसाद आपको 50 रुपए से लेकर 250 रुपए तक मिल जाएगा केदारनाथ धाम मे खाने के लिए 300 रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं लेकिन यहां पर भंडारे की भी सुविधा होती है मंदिर में दर्शन के लिए सबसे ज्यादा भीड़ सुबह में रहती है जभी शाम में आपको कम भीड़ देखने को मिलेगी कई बार भीड़ की वजह से 4 घंटे से भी ज्यादा समय लग सकता है।
केदारनाथ की यात्रा आप 3 दिनो में कर सकते है लेकिन मैं कहूंगा की आप 4 दिन लेकर चले। पहले दिन आप हरिद्वार से गौरीकुंड के लिए निकलेंगे दूसरे दिन आप गौरी कुंड से केदारनाथ धाम जाएंगे तीसरे दिन दर्शन करके वापस नीचे के तरफ आयेंगे और सीधे जायेंगे हरिद्वार के लिए तो ये था आपका तीन से चार दिन का प्लान अब आपको खर्चे के बारे में भी बता देता हु
अगर आप बस से जाते हैं तो लगभग 2000 रुपए लगेगा ओर 2000 रुपए होटल का और 1000 रुपए खाने पीने का लगभग 5000 रुपए का खर्चा आएगा तो दोस्तो ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया तो आप हमे फॉलो कर सकते हैं मिलते हैं अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।




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