अल्मोड़ा कैसे घूमें? 2 दिन का ट्रिप प्लान, खर्च, होटल और घूमने की 10 बेहतरीन जगहें।



अल्मोड़ा भारत के उत्तराखंड राज्य के कुमाऊँ क्षेत्र मे हिमालय पर्वत के बीच में बसा एक सुंदर सा हिल्स स्टेशन अल्मोड़ा, के बीच से कोसी नदी औरसोयाल नदी बहती है जो इसके सुंदरता को कई गुना बढ़ा देता है अल्मोड़ा अपने पीसफुल लाइफ़ के साथ साथ एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए एक हिल स्टेशन बन चुकी है यहां आप वाइल्ड लाइफ को इंजॉय कर सकते हैं। 


यहां आप एडवेंचर एक्टिविटी कर सकते हैं। अगर आप धार्मिक भावना से जुड़े हैं तो यहां पर स्थित बहुत से सुंदर सुंदर मंदिरों में दर्शन भी कर सकते हैं। जिनकी नई नई शादी हुई है और वो एक अच्छे जगह को तलाश में है तो अल्मोड़ा उनके हनीमून में चार चांद लगा देगा। कई सारे हिल स्टेशन में से सबसे सस्ता हिल स्टेशन अल्मोड़ा है। इस पोस्ट के माध्यम से मै आपको बताऊंगा कैसे आप अल्मोड़ा आ सकते हैं रहने खाने में क्या खर्च आएगा क्या आपकाबजट प्लान होगा? ये सारी जानकारी आपको मिलेगी।

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अल्मोड़ा में कहां कहां घूमे ?


अल्मोड़ा दिल्ली से लोगभग 357 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है और यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। जबकि यहां का नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून का है अल्मोड़ा के लिए काठकोदम या हल्द्वानी पहुंच कर अल्मोड़ा के लिए बसें मिल जाएगी और यहां से अल्मोड़ा के लिए बस से ₹200 रुपए का किराया आयेगा 


अल्मोड़ा के टूरिस्ट प्लेसेज को कवर करने के लिए मैं स्कूटी हायर की थी और इसका रेंट मुझे ₹500 रुपये पर डे का पड़ा।



1. दण्डेश्वर मंदिर 

जागेश्वर धाम के रास्ते में आपको खूबसूरत सा जंगल दिखाई देता है। बड़े बड़े चीड़ के पेड़ लगे हुए है जैसा अपने फिल्मों में देखा होगा। यहां पहुंचने के लिए आपको कई छोटे छोटे गांव से होकर गुजरना पड़ता है जिनमें से एक गांव पानमानौला में कुछ फ्रूट ले लिए और आगे के लिए निकल पड़ा आगे ही एक मंदिर पड़ता है दण्डेश्वर मंदिर जो भगवान शिव का अत्यंत प्राचीन और भव्य मंदिर है।


यह जागेश्वर धाम मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर पहले पड़ता है यह कुमाऊं क्षेत्र के सबसे बड़े और ऊंचे शिव मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण 9वीं से 10वीं शताब्दी के बीच कत्यूरी राजाओं ने कराया था।


धार्मिक महत्व 


1. दण्डेश्वर दो शब्दों से मिलकर बना है दण्ड (लाठी) और ईश्वर जिसका अर्थ है दण्ड धराड़ करने वाले शिव भगवान।

2. लोगों का मानना है कि भगवान शिव दण्ड लेकर इस क्षेत्र की रक्षा करते हैं।


मुख्य मंदिर से साथ यहां पर 14 और छोटे छोटे मंदिर हैं। गर्भगृह में एक शिवलिंग स्थापित की गई है। दण्डेश्वर मंदिर चारों ओर से देवदार के पेड़ों से घिरा हुआ है। महाशिवरात्रि में यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।


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2. जागेश्वर धाम मंदिर 



यहां पर आते ही सबसे पहले आपको पास बनवाना होगा इसका आपका पैसा नहीं लगता है केवल आधार कार्ड नबर, फोन नंबर और होम एड्रेस लिए जाते हैं उसके बाद आप अंदर आ सकते हैं दर्शन कर सकते हैं यह मंदिर 7वीं से 12वीं शताब्दी के बीच कत्यूरी राजाओं ने कराया गया था। 


मंदिर समूह के प्रमुख मंदिर


1. जागेश्वर महादेव मंदिर – मुख्य मंदिर, जहाँ शिवलिंग स्थापित है।

2. महामृत्युंजय मंदिर – यहाँ महामृत्युंजय स्वरूप की पूजा होती है।

3. कुबेर मंदिर

4. नवग्रह मंदिर

5. सूर्य मंदिर

6. नवदुर्गा मंदिर

7. बटुक भैरव मंदिर


यह मंन्दिर अल्मोड़ा से लगभग 36 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है।




3. चितई गोलू देवता मंदिर 


ऋग्वेद में उत्तराखंड को देवभूमी कहा गया है मतलब इसी भूमी जहां देवता भी निवास करते हैं और यहां कई सारे प्रसिद्ध मंदिर भी हैं जिनमें से एक है अल्मोड़ा का प्रसिद्ध चितई गोलू देवता मंदिर जिनके दर्शन के लिए काफी दूर दूर से लोग आते है।


यहां पर बहुत सारे पर्चे लगे हुए थे जिनमें भक्तों की मनोकामनाएं लिखी हुई थी गोलू देवता को न्याय का देवता माना जाता है और बहुत सारे छोटे बड़े घंटियाँ भी लगे हुए थे जो भक्तों द्वारा लगाए गए थे। घंटियों को देखकर कर आ अंदाजा नहीं लगा पाएंगे कि कितने सारे लोगों की मनोकामनाएं पूरी हो चुकी थी।


मान्यताओं के अनुसार वे भगवान शिव के गौर भैरव स्वरूप माने जाते हैं। उन्हें सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा करने वाला देवता माना जाता है।मंदिर का निर्माण पारंपरिक कुमाऊँनी शैली में हुआ है। मुख्य गर्भगृह में गोलू देवता की पूजा की जाती है।

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4. मृग विहार 



अल्मोड़ा में zoo भी है मृग विहार चारों ओर से पेड़ों और पहाड़ी हरियाली से घिरा हुआ है सुबह और शाम यहां घूमने के लिए अच्छा समय माना जाता है। यहां पर आपको ब्लैक बियर, लेपर्ड, व्हाइट मांक्की, रेबिड और बहुत सारे वन्य जीव देखने को मिलेंगे। यहां पूरा घूमने में लगभग आधे से एक घंटे लगेंगे।




5. चौक बाजार 

अल्मोड़ा की मेन मार्केट चौक बाजार की है यह स्थान लोगों के सभी जरूरती सामानों की पूर्ति करता है। यहां पर टूरिस्ट सबसे ज्यादा आते हैं क्योंकि अगर उनको कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान या खाने पीने की सामान लेना होता है तो यहां पर जरूर आते हैं और उनको यहां की स्थानीय संस्कृति को करीब से देखना का मौका मिल जाता है।


चौक बाजार में क्या खरीदें?

अगर आपको स्थानीय समान खरीदना पसंद है तो यह स्थान परफेक्ट है क्योंकि आपको लगभग हर तरह के समान मिल जाते हैं जैसे:-


1. कुमाऊँनी ऊनी शॉल और गर्म कपड़े

2. पारंपरिक हस्तशिल्प

3. तांबे और पीतल के सजावटी सामान

4. स्थानीय मसाले और जड़ी-बूटियाँ

5. पहाड़ी अचार और खाद्य उत्पाद

6. दैनिक उपयोग की वस्तुएँ


6. विवेकानंद कॉर्नर 


अल्मोड़ा में विवेकानंद जी काफी दिन रहे थे और उन्हीं के नाम पर विवेकानंद कॉर्नर बना हुआ है यहां पर विवेकानंद जी की काफी बड़ी मूर्ति भी बनी हुई है यहां से शाम के समय सनसेट व्यू देख सकते है यहां से आपको वैली का भी व्यू भी दिखेगा।


विवेकानंद कॉर्नर अल्मोड़ा शहर के मुख्य बाजार से 2 किलोमीटर की दूरी पर है यहां से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां दिखाई देती है। यह जगह काफी शांत और पीसफुल है यहां पर आप आकर आराम कर सकते हैं जिससे मन प्रसन्न हो जाएगा क्योंकि इस जगह में वो सारी चीजें है जो मन को शांत और वातावरण को शुद्ध करती है।


7. नंदा देवी मंदिर 


माँ नंदा देवी, जो माँ दुर्गा का स्वरूप मानी जाती हैं नंदा देवी मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा शहर में लाला बाजार के निकट स्थित है यहा मंदिर शहर के प्रमुख मंदिरों में से एक है माँ नंदा देवी को शक्ति का स्वरूप और कुमाऊँ की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण चंद राजाओं ने कराया था मंदिर में स्थापित देवी की प्रतिमा और शिव भगवान भी विराजमान है।

 

मंदिर के अंदर जाते ही आपको शांति का अनुभव होगा। नंदा देवी मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि कुमाऊँ की सांस्कृतिक पहचान का भी केंद्र है। स्थानीय लोग किसी भी कार्य को करने से पहले मां नंदा देवी का आशीर्वाद लेना पहले पसंद करते है। यहां पर नंदा देवी मेला ka भी आयोजन कराया जाता है जो स्थानीय और टूरिस्टों का आकर्षण का केंद बना हुआ है।


विवेकानंद कॉर्नर से नंदा देवी टेंपल मात्र 2 किलोमीटर की है आप पदल भी आ सकते है और अगर आपके पास रेंट वाली स्कूटी या खुदकी स्कूटी है तो 10 मिनट में पहुंच जाएंगे।


8. कसार देवी टेंपल 


नंदा देवी टेंपल से 8 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है कसार देवी टेंपल पहुंचने में 30 मिनट लगेंगे। लेकिन रस्ते के व्यू आपको बहुत पसंद आयेंगे आप यहां पर 10 से 15 मिनट तक सुंदर व्यू का आनंद ले और फिर कसार देवी टेंपल। 

अल्मोड़ा यात्रा का 2 दिन का अनुमानित खर्च

खर्च का प्रकार प्रति दिन (₹) 2 दिन का खर्च (₹)
धर्मशाला 400 800
होटल 1,000 2,000
खाने-पीने का खर्च 500 1,000
ट्रांसपोर्टेशन (कार) 5,000 10,000
ट्रांसपोर्टेशन (बाइक) 1,500 3,000
ट्रांसपोर्टेशन (बस/ऑटो) 1,300 2,600

2 दिन का कुल अनुमानित यात्रा खर्च

यात्रा का विकल्प कुल खर्च (₹)
धर्मशाला + खाना + बस/ऑटो 4,400
धर्मशाला + खाना + बाइक 4,800
धर्मशाला + खाना + कार 11,800
होटल + खाना + बस/ऑटो 5,600
होटल + खाना + बाइक 6,000
होटल + खाना + कार 13,000

यह खर्च केवल अनुमानित है। वास्तविक खर्च यात्रा के मौसम, होटल की श्रेणी, वाहन के प्रकार और आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार कम या अधिक हो सकता है।


तो दोस्तों ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया तो हमें फॉलो करना न भूले मिलते है अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।


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