Indore Trip Cost Guide 2026: 3 दिन में इंदौर घूमने का कुल खर्च, होटल, भोजन और यात्रा बजट

इन्दौर आप कैसे आ सकते है?


भारत के सबसे स्वच्छ शहरों में अपना पहचान बनाने वाला इंदौर जोकि मध्यप्रदेश का एक प्रमुख शहर है यह शहर अपने साफ सफाई, खाने पीने से लेकर आधुनिक विकास के लिए जाना जाता है अगर आप संस्कृति, खाने पीने, घूमने फिरने के शौकीन है तो इंदौर आपका सबसे अच्छा डेस्टिनेशन हो सकता है। नमस्कार दोस्तों मेरा नाम महेन्द्र है। और इस ब्लॉग में मै आपको बताऊंगा यहां आप कैसे आ सकते हैं, आपका क्या टूर प्लान होगा, क्या बजट होगा, और इंदौर घूमने के लिए आपका टाइम मैनेजमेंट क्या होगा ये सारी चीजें मै आपको बताऊंगा साथ ही यूजफुल टिप भी दूंगा।


इन्दौर आप कैसे आ सकते हैं?


इन्दौर आना बेहद आसान है क्योंकि इंदौर भारत के प्रमुख शहरों से हवाई, रेलमार्ग और सड़क मार्गों से जुड़ा हुआ है तो यहां आने के लिए आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।


हवाई मार्ग


अगर आप एयरोप्लेन से आते है तो इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है यहां पर आ सकते है जिसमें आपके ₹3000 से ₹6000 का टिकट लग सकता है सीजन और टाइम के अकॉर्डिंग।


रेलमार्ग 


अगर आप रेलमार्ग से आना चाहते है तो इंदौर जंक्शन रेलवे स्टेशन का चयन करे क्योंकि रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही अगले एक किलोमीटर के अंदर आपको अच्छे होटल मिल जाएंगे और जब आप कही दूसरी जगह जाना चाहते है तो आपको वापस आने और आसानी होगी। रेलमार्ग काफी किफायती विकल्प माना जाता है क्योंकि ₹300 से ₹800 के बीच में स्लीपर से बैठ कर यात्रा के लिए सीटें मिल जाती है।


सड़क मार्ग 


अगर आप बस से आना चाहते हैं तो यहां के सरवटे बस स्टैंड में पहुंचे। यहां तक आने में आपका ₹300 से ₹1000 रुपए खर्च हो सकता है ये भी अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर आप चाहें तो अपने कार या फिर बाइक से भी घूमने आ सकते खर्चा आपके गाड़ियों के माइलेज पर डिपेंड करेगा।


यहां पहुंचने के बाद आपको टैक्सी, बस, रिक्शा, ई रिक्शा बाइक रेंट सब मिल जाएगा आपको जो पसंद हो उससे आप घूमने, मुझे बाइक से घूमना पसंद है इसलिए ₹400 रुपए प्रति दिन वाली स्कूटी हायर कर ली और इसी से मैने सारी ट्रेवल प्लेसेस कवर की है।


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इन्दौर में कहां कहां घूमे?


1. कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय 


कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय को इंदौर चिड़ियाघर के नाम से भी जानते हैं मध्यप्रदेश के सुंदर शहर इंदौर के नवलाखा क्षेत्र में पड़ता है। इसकी स्थापना 1974 में की गई थी और आज यह 52 एकड़ के जमीन में फैला हुआ है यह चिड़ियाघर इंदौर के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में से एक है।


यहां देश विदेश के अनेक दुर्लभ पशु पक्षी और सरीसृप देखने को मिलेंगे ज्यादा तर टूरिस्ट रॉयल बंगाल टाइगर, व्हाइट टाइगर, एशियाई शेर, तेंदुआ, हाथी, दरियाई घोड़ा, भालू, मगरमच्छ, घड़ियाल, शुतुरमुर्ग जैसे जानवरों को देखने आते हैं मैने इनमें में 4 से 5 ही जीव देख पाया बाकी सब अंदर छुपके आराम फरमा रहे हैं तो नहीं देख पाया। 


चिड़ियाघर के स्नैक भी टूरिस्ट के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां पर कोबरा करेत अजगर जैसे खतरनाक साँप देखने को मिलेगा। इसके अलावा यहां बच्चों के लिए पार्क और अन्य मनोरंजन सुविधा उपलब्ध है। यहां की इंट्री फीस ₹20 रुपए है जिसे आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से टिकट ले सकते हैं।


यहां पर आप सुबह 9 बजे से शाम 8 बजे तक काफी भी आ सकते हैं यहां पर पेड़ पौधे भरपूर मात्रा में लगे हैं। गर्मी का एहसास कम होगा। कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय इंदौर जंक्शन रेलवे स्टेशन से लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। यहां ऑटो, टैक्सी और सिटी बस के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है।



इन्दौर का प्रसिद्ध व्हाइट चर्च


2. व्हाइट चर्च 


इंदौर के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में से एक है व्हाइट चर्च, यहा चर्च काफी पुराना माना जाता है क्योंकि 1858 ब्रिटिश काल में बना था। प्रारंभ में इसका नाम सेंट ऐन्स चर्च (St. Ann's Church) रखा गया था लेकिन इसकी पूरी इमारत सफेद रंग की होने के कारण लोगों ने इसे व्हाइट चर्च कहना शुरू कर दिया। इसका निर्माण सफेद संगमरमर से किया गया है जिसे यह चर्च और भी खूबसूरत दिखाई देता है।


कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय से व्हाइट चर्च की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है टैक्सी बस ऑटो से आसानी से आ सकते ₹20 से ₹60 रुपए का खर्चा आएगा और व्हाइट चर्च में प्रवेश निशुल्क है।


3. मोहाड़ी वॉटरफॉल


मोहाड़ी वॉटरफॉल इंदौर के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक टूरिस्ट प्लेसो में से एक है। ये वॉटरफॉल इंदौर खंडवा रोड पर बर्च्छा गाँव के पास मौजूद है। इन्दौर शहर से 28 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है यह अपने प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के कारण टूरिस्टों के बीच काफी प्रचलित है।


मोहाड़ी वॉटरफॉल लगभग 250 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। मानसून में इसका दृश्य लाजवाब होता है। मै गया था 26/ मार्च में मुझे काफी मजा आया। ऊपर से नीचे गिरते हुए पीना के छोटे छोटे फव्वारे शरीर पर पड़ता है तो एक अलग सा एहसास सुकून होने लगता है और चारों तरफ खूबसूरत हरियाली के बीच में सुकून और आनंद लेना चाहते हैं तो शहरों के भागदौड़ जिंदगी से कुछ पल छुटकारा लेकर आ जाइए। 


वॉटरफॉल तक पहुंचने के लिए पैदल यात्रा थोड़ी ट्रैकिंग करनी पड़ेगी जिनको ट्रैकिंग का शौक है उनके लिए यह स्थान स्वर्ग से कम नहीं है। यहां पर आप सुबह से शाम तक किसी भी टाइम में आ सकते हैं यहां कोई प्रवेश शुल्क नहीं है। यहां आप इंदौर से रेंट पर बाइक ले लें यहां पहुंचने में मैक्सिमम 1 घंटे लगते हैं अंत में थोड़ा ट्रैकिंग और पैदल यात्रा करना पड़ता है।


इन्दौर का प्रसिद्ध टिंचा फॉल


4. टिंचा फॉल 


टिंचा फॉल भी मोहाड़ी वॉटरफॉल की तरह टूरिस्टों के बीच में लोकप्रिय है यह जगह इंदौर से 25 किलोमीटर दूर टिंचा गांव में मौजूद है और यह वॉटर फॉल 300 मीटर से भी ऊंचा झरना है हर साल हजारों लोग यहां आते हैं मै जब यहां गया था तब 6 से 7 दिखे जो कुछ स्थानीय लोग थे और कुछ दूसरे राज्य से आए थे।


टिंचा फॉल इसका नाम टिंचा गांव से पड़ा है। लोग यहां पर अक्सर पिकनिक मनाने आते हैं गिरते हुए पानी को देख कर और आस पास के हरियालियों का आनंद लेते हैं। झरनों तक पहुंचने के दौरान खूबसूरत पहाड़ और घाटियों का लाजवाब नजारा देखने को मिलेगा। यहां आने का सबसे अच्छा महीना जुलाई का है क्योंकि इस टाइम आपको झरने की पीक खूबसूरती दिखाई देगी।


टिंचा फॉल में प्रवेश निशुल्क है कभी भी आ जा सकते है यहां आने के लिए इंदौर से खंडवा रोड होते हुए सिमरोल गांव के पास से टिंचा फॉल पहुंच सकते हैं आपके पास निजी वाहन होना जरूरी है यह ज्यादा सुविधाजनक साबित होगी।


5. स्वामीनारायण टेंपल 


इंदौर का स्वामीनारायण मंदिर शहर के सबसे भव्य और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर BAPS (Bochasanwasi Akshar Purushottam Swaminarayan Sanstha) द्वारा संचालित किया जाता है। यह मंदिर अपने शानदार वास्तुकला, आध्यात्मिक वातावरण और सुंदर सुंदर मूर्तियों के वजह से लोग जानते हैं बाहर से देखने पर इसका डिजाइन प्राचीन मंदिरों जैसा ही है जो देखने पर आपको आश्चर्य होगा कि इस टाइम में भी ऐसे डिजाइन वाले आर्किटेक्चर मौजूद है।


यहां पर हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं इंदौर में स्वामीनारायण का नाम 1980 में काफी प्रचलित था जिसकी वजह से 2013 यह मंदिर बनाया गया मंदिर के अंदर स्वामीनारायण और राधा रानी की सुंदर मूर्तियों स्थापित है और शाम के समय पूजा होती है इसी टाइम में यहां पहुंचा था आप यहां कभी भी आ सकते हैं।


यहां आ निशुल्क जा सकते हैं और यह स्वामीनारायण मंदिर इंदौर शहर के बायपास रोड पर पड़ता है। यहां पर ऑटो रिक्शा टैक्सी किसी भी वाहन से पहुंच सकते हैं व्हाइट चर्च से स्वामीनारायण टेंपल 13 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है जहां पहुंचने में 30 मिनट लगते हैं और किराया ₹30 से ₹50 रुपए आएगा।


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इन्दौर की प्रसिद्ध 56 दुकान स्ट्रीट फूड


6. छप्पन दुकान 


 दोस्तो मुझे खाने पीने का बड़ाशौक है और मैने इंदौर शहर के 56 दुकान के बारे में बहुत सुना था इसलिए वहीं पहुंच गया। यह स्थान इंदौर के न्यू पलासिया क्षेत्र के पास पड़ता है। और अपनी शानदार स्ट्रीट फूड संस्कृति के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां पर एक ही सड़क पर 56 दुकानें है जहां अलग अलग खाने के आइटम मिलते है।


1974 से पहले इस जगह का नाम उदासीन आश्रम मार्केट रखा गया था और उस समय के स्थानीय प्रशासन ने व्यापारियों को 56 दुकानें बनकर दिए थे व्यापार के लिए, धीरे धीरे यहां खाने पीने की दुकानें में तब्दील होते गए। फिर इसका नाम 56 दुकान मार्केट के नाम से जाना जाने लगा।


यहां वैसे तो पोहा-जलेबी, खोपरा पेटिस, चाट, समोसा, कचौरी, डोसा, मोमोज, हॉट डॉग, शेक, आइसक्रीम जैसे ढेरों खाने वाले आइटम मिल जाएंगे लेकिन यहां पर जो सबसे ज्यादा फेमस पोहा और जलेबी था वो मैने खाया। शाम के समय ही यहां पर घूमने का मजा है और मैं शाम को ही गया 7 बजे के करीब। यहां पर बैठने की भी व्यवस्था है आराम से बैठ कर स्वादिष्ट भोजन का लुफ्त उठा सकते है।


 यहां घूमने का सबसे अच्छा समय शाम 6 से 10 बजे का है और 20 यहां पर ₹20 रुपए से लेकर ₹200 रुपए तक के फूड आइटम मिल जाते है। छप्पन दुकान इंदौर रेलवे स्टेशन से लगभग 4 किलोमीटर और एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। यहां ऑटो, कैब और सिटी बस के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है।


7. कृष्णाबाई होल्कर छतरी 


कृष्णाबाई होल्कर छतरी, जिसे कृष्णपुरा छत्रियां (Krishnapura Chhatris) के नाम से भी जाना जाता है। इन्दौर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है। अगर आपको ऐतिहासिक चीजों में रुचि है तो यहां आप आ सकते है।


यहां पर मुख्य कक्षेत्रियों और कई स्मारक संरचनाएं मौजूद है पश्चिम दिशा में महारानी कृष्णाबाई होल्कर, जबकि अन्य छत्रियां महाराजा तुकोजी राव होल्कर द्वितीय और शिवाजी राव होल्कर की मूर्तियां स्थापित है और यहां पर छोटा सा श्री कृष्ण की भी मंदिर मौजूद है।


56 दुकान से कृष्णाबाई होल्कर छतरी की दूरी 3 किलोमीटर है और यहां पहुंचने में 10 मिनट व 30 रुपए लगते हैं। शाम के समय आयेंगे तो आपको ज्यादा अच्छा लगेगा।


8. पातालपानी वॉटरफॉल 


यह खूबसूरत पातालपानी वॉटरफॉल इंदौर शहर के महू तहसील में पड़ता है और इंदौर शहर से 35 किलोमीटर दूर है लगभग 300 फिट से गिरता हुआ पानी मानसून में और भी सुंदर दिखाई देता है साथ ही यहां की हरयाली पहाड़ और घाटियों का अनोखा नजारा देखने को मिलता है। इसका नाम पाताल पानी इसलिए पड़ा क्योंकि स्थानीय लोगों का मानना है कि इसकी गहराई पाताल तक जाती है तबसे इस जलप्रपात का नाम पातालपानी वॉटरफॉल पड़ा।


खूबसूरत पातालपानी वॉटरफॉल की दूरी कृष्णाबाई होल्कर से 38 किलोमीटर है और पहुंचने में 1 घंटा भी लग सकता है और बस से ₹100 से ₹200 रुपए का खर्चा आएगा इतना ही रेंटल बाइक से भी लगेगा।


इन्दौर का प्रसिद्ध कांच का मंदिर


9. कांच मंदिर 


कांच मंदिर एक अनोखी धार्मिक और प्रसिद्ध जैन मंदिर है इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसके दीवारें, छत, स्तंभ और फर्श तक रंग-बिरंगे कांच और शीशों से सजाए गए हैं। 1903 में इसका निर्माण हुआ था। मंदिर के अंदर जैसे ही प्रवेश करेंगे तो आपको चारों ओर कांच की दीवारों में कलाकृति दिखाई देगी। इस मंदिर जो कलाकारी हुई है जयपुर और ईरान के कुशल कारीगरों द्वारा निर्माण कराया गया था। पातालपानी वॉटरफॉल से इसकी दूरी 35 किलोमीटर है कांच मंदिर पहुंचने में 45 मिनट लगते है और बस से सबसे कम खर्चा आयेगा लगभग ₹150 रुपए। कांच मंदिर के अलावा आप इन जगहों को भी ट्राय कर सकते हैं जो उसी के आस पास पड़ते है:-

1. अनपूर्णामंदिर 

2. रीजनल पार्क 

3. रजवाड़े मार्केट 

4. चौपाटी 

5. राजवाड़ा पैलेस 

6. खजराना गणेश मंदिर 


ग्वालियर घूमने में कितना खर्च आएगा? होटल, ट्रांसपोर्ट और बजट प्लान।

इन्दौर में घूमने का क्या बजट होगा?


इंदौर घूमने का 3 दिन का अनुमानित खर्च

दैनिक खर्च का विवरण

खर्च का प्रकार प्रतिदिन खर्च (₹) 3 दिन का कुल खर्च (₹)
होटल 800 2400
धर्मशाला 300 900
खाना 700 2100
स्थानीय ट्रैवलिंग 500 1500

होटल में रुकने पर कुल खर्च

खर्च राशि (₹)
होटल (3 दिन) 2400
खाना (3 दिन) 2100
ट्रैवलिंग (3 दिन) 1500
कुल खर्च 6000

धर्मशाला में रुकने पर कुल खर्च

खर्च राशि (₹)
धर्मशाला (3 दिन) 900
खाना (3 दिन) 2100
ट्रैवलिंग (3 दिन) 1500
कुल खर्च 4500

नोट: इस बजट में ट्रेन/फ्लाइट टिकट, शॉपिंग और अन्य व्यक्तिगत खर्च शामिल नहीं हैं।


तो दोस्तों ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया तो हमें फॉलो करना न भूले मिलते हैं अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।

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