ग्वालियर घूमने में कितना खर्च आएगा? होटल, ट्रांसपोर्ट और बजट प्लान।

ग्वालियर कैसे पहुंचे?


 नमस्कार दोस्तों मेरा नाम महेन्द्र है और मैं आपको ग्वालियर शहर भारत के उन ऐतिहासिक शहरों के बारे बताऊंगा, जहां हर जगह इतिहास, संस्कृति और खूबसूरत वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। यह शहर अपने विशाल किलों, प्राचीन मंदिरों और शाही विरासत के लिए काफी प्रसिद्ध है। अगर आप घूमने के शौकीन नई नई जगहो को एक्सप्लोर करना पसंद हैं और ऐसी जगह तलाश कर रहे हैं जहां इतिहास और सुंदरता दोनों एक साथ मिलें, तो ग्वालियर आपके लिए शानदार अनुभव हो सकता है। यहां मौजूद ग्वालियर फोर्ट, सास बहू मंदिर, तेली का मंदिर और कई अन्य पर्यटन स्थल हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर खींच लाती हैं। चाहे आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हों या दोस्तों के साथ, ग्वालियर आपको एक यादगार अनुभव देने की पूरी क्षमता रखता है। इस लेख में आपको यहां कैसे आ सकते हैं, आपका टूर प्लान क्या होगा, आपका Budget क्या आएगा, ग्वालिया घूमने का बेस्ट टाइम और कुछ ट्रैवल टिप्स भी दूंगा।

ग्वालियर कैसे पहुंचे?

ग्वालियर मध्यप्रदेश में पड़ता है और अपने प्लेसेस और टेम्पल्स के लिए जाना जाता है। यहां पहुंचने के लिए सभी तरह के ट्रांसपोर्टेशन उपलब्ध है ग्वालियर में रेलवे स्टेशन है जो लगभग सभी राज्यों से यहां के लिए ट्रेन मिल जाती है आस पास के शहरों से आप बस से भी आ सकते हैं। यहां पर एयरपोर्ट भी जो कुछ ही सिटी से डायरेक्ट ग्वालियर के लिए फ्लाइट उपलब्ध है। दोस्तो मैं लखनऊ से ग्वालियर गया था बस से 8 घंटे पहुंचने में लगे क्योंकि बीच बीच में बस रुक रही थी खाने पीने नाश्ते के लिए जिसमें मेरे ₹800 रुपए खर्च हुए थे नीचे मैने बताया है लखनऊ से ग्वालिया किन किन साधनों से कितना खर्चा और समय लगेगा।

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लखनऊ से ग्वालियर कैसे पहुंचें?

अगर आप लखनऊ से ग्वालियर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके पास ट्रेन, बस, फ्लाइट, खुद की कार और बाइक जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। अपनी सुविधा और बजट के अनुसार यात्रा का साधन चुन सकते हैं। नीचे लखनऊ से ग्वालियर पहुंचने का अनुमानित समय और खर्च दिया गया है।

यात्रा का साधन अनुमानित समय अनुमानित खर्च
ट्रेन 4.5 – 6 घंटे ₹200 – ₹1200
बस 6 – 8 घंटे ₹500 – ₹1500
खुद की बाइक 6 – 7 घंटे ₹500 – ₹800
खुद की कार 5 – 6 घंटे ₹1800 – ₹3000
फ्लाइट कनेक्टिंग रूट ₹4000 – ₹10000+

ट्रेन लखनऊ से ग्वालियर पहुंचने का सबसे सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। वहीं रोड ट्रिप पसंद करने वाले लोग बाइक या कार से भी यात्रा कर सकते हैं। अगर आप कम समय में सफर करना चाहते हैं, तो फ्लाइट का विकल्प चुन सकते हैं, हालांकि इसके लिए कनेक्टिंग रूट मिल सकता है।

ग्वालियर में कहां कहां घूमे?


ग्वालियर में कहां कहां घूमे?

ग्वालियर में आप काफी सुंदर सुंदर जगहों में घूम सकते हैं:-


1. ग्वालियर फोर्ट


सुबह सुबह तैयार होकर मै ग्वालियर फोर्ट के लिए ई रिक्शा से हजीरा चौक पहुंचा जिसमें मेरे ₹20 रुपए खर्च हुए। फोर्ट पहुंचने के दो रास्ते पहला उर्वई गेट और दूसरा गुजारी महल से आप उर्वई गेट से जाए क्योंकि गुजारी महल आपको पैदल चलके फोर्ट जाना पड़ेगा जबकि उर्वई गेट से सीधे फोर्ट पहुंच जाएंगे। ग्वालिया फोर्ट काफी बड़ा है और टिकट आपको ऑनलाइन ही लेने होते हैं यहां की इंट्री फीस ₹20 रुपए है। पूरे ग्वालियर फोर्ट को घूमने में 200 घंटे लग सकते हैं।


Gwalior Fort भारत के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक किलों में से एक माना जाता है। यह किला मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और अपनी शानदार वास्तुकला, प्राचीन इतिहास तथा खूबसूरत नक्काशी के लिए जाना जाता है। ग्वालियर घूमने आने वाले ज्यादातर पर्यटक सबसे पहले इसी किले को देखने पहुंचते हैं।


ग्वालियर फोर्ट का इतिहास कई सदियों पुराना माना जाता है। समय समय पर कई राजाओं ने अपना शासन किया था जिसकी झलक आपको दीवारों पर दिख जाएगी इसके अलावा यहां की जैन प्रतिमाएं और मंदिर भी टूरिस्ट्स को अपनी ओर खींच ले आती है। किले की ऊंचाई से पूरा ग्वालियर का शानदार नजारा देखने को मिलता है अगर आप इतिहास, वास्तुकला और प्राचीन धरोहरों को करीब से देखना पसंद करते हैं तो ये जगह आपके लिए ही है। 

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2. सास बहू टेंपल 


ग्वालियर फोर्ट के आगे ही पड़ता है सास बहू टेंपल, Gwalior Fort से Sas Bahu Temple की दूरी बहुत कम है क्योंकि सास बहू मंदिर ग्वालियर फोर्ट परिसर के अंदर ही स्थित है। ग्वालियर फोर्ट से सास बहू टेंपल 600 मीटर में पड़ता है आप को यहां पहुंचने के लिए किसी वाहन की जरूरत नहीं पड़ेगी पैदल ही यात्रा कर सकते हैं और यहां की इंट्री फीस ₹30 रूपया है।


बहुत ही सुन्दर प्लेस यहां से ग्वालियर का शानदार व्यू दिखाई देता है यह ग्वालियर के सबसे प्रसिद्ध टेंपल में से एक है सास बहू मंदिर का निर्माण लगभग 11वीं शताब्दी में कराया गया था। कई लोग नाम सुनकर इसे सास और बहू से जोड़ते हैं लेकिन वास्तव में इसका संबंध भगवान विष्णु के एक रूप सहस्त्रबाहु से माना जाता है। समय के साथ इसका नाम बदलकर “सास बहू मंदिर” कर दिया गया।


यह मंदिर दो हिस्सों में बना हुआ है जिनमें एक बड़ा और दूसरा छोटा मंदिर शामिल है। मंदिर की दीवारों, खंभों और छतों पर की गई सुंदर नक्काशी इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। यहां की प्राचीन कला और पत्थरों पर बने डिजाइन बहुत ही अनोखे है ऐसे अनोखा डिजाइन केवल प्राचीन स्मारकों मंदिरों में देखे जा सकते हैं।

तेली का मंदिर


3. तेली का मंदिर 


सास बहू टेंपल के बाद मै तेली का मंदिर गया और कि इंट्री फीस ₹30 रुपए पड़ता है तेली का मंदिर लगभग 8वीं–9वीं शताब्दी का माना जाता है। यह मंदिर अपनी खास बनावट की वजह से अन्य मंदिरों से अलग दिखाई देता है। इसकी ऊंचाई करीब 30 मीटर के आसपास बताई जाती है, जिसके कारण यह ग्वालियर फोर्ट के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। 


मंदिर के डिजाइन अनोखे है जो टूरिस्ट को अपनी ओर खींच ले आती हैं यह मंदिर ग्वालियर फोर्ट परिसर के अंदर स्थित है। अगर आप उर्वई गेट से आते हैं तो ग्वालियर फोर्ट, सास बहू टेंपल, तेली का मंदिर और गुरुद्वारा एक साथ घूम सकते हैं। गुरुद्वारा आपको तेली के मंदिर पर पड़ता है।


4. शनिवारा मंदिर 


शनिवारा मंदिर ग्वालिया के प्रसिद्ध टेंपल में से एक माना जाता है यह मंदिर भगवान शनिदेव को समर्पित है स्थानीय लोगों के साथ साथ दूर दराज के लोग भी यहां दर्शन के लिए आते हैं शनिवारा मंदिर अपने धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है लोग यहां आकर अपने परेशानियों का निवारण करने आते हैं पूजा अर्चना करके, 


यह प्लेस आपके लिए खास हो सकती है क्योंकि यहां आप ट्रेवल करके कुछ समय शांत वातावरण का आनंद ले करके नेक्स्ट टूरिस्ट प्लेसेज के लिए रवाना हो सकते हैं और यहां आने को कोई शुल्क भी नहीं है। 


ग्वालियर फोर्ट से 23 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है यहां पहुंचने में मुश्किल से आपको 20 से 25 मिनट ही लगेंगे मैने एक दिन के लिए बाइक हायर कर लिया था तो 30 से 40 रुपए पेट्रोल लगा अगर आप ऑटो रिक्शा बस से आते हैं तो इतना ही पड़ेगा। 

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5. बटेश्वर टैम्पल


ग्वालियर के आसपास घूमने वाली प्रसिद्ध ऐतिहासिक जगहों में से एक माना जाता है बटेश्वर टैम्पल, मितावली के रास्ते में पड़ता है बटेश्वर टैम्पल जहां पर छोटे छोटे मंदिर बने हुए हैं कहा जाता है कि ये छोटे छोटे मंदिर 8वीं से 9वी सदी में भूतों द्वारा बनाए गए। मंदिर के अंदर शिवलिंग है और बाहर नंदी जी बैठे हुए हैं 


बटेश्वर टैम्पल मुख्यरूप से पत्थरों से बनाया गया है और ये कलाकारी आपको भी काफी पसंद आयेगा। शनिचरा मंदिर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है बटेश्वर टैम्पल, चाहे आप बाइक, कार या टैक्सी से आए सेम टाइम लगेगा 20 से 25 मिनट, और किराया ₹20 रुपए से ₹30 रुपए। यहां की इंट्री फीस निःशुल्क है।

गढ़ी पदावली


6. गढ़ी पदावली

बटेश्वर से आप आधा किलो मीटर आते है तो आपको मिलेगा गाढ़ी पदावली बटेश्वर में आपको मंदिर देखने को मिला होगा लेकिन यहां आप उनसे ज्यादा क्षेत्र में फैले किला देखने को मिलेगा।


गढ़ी पदावली का एक प्राचीन किलेनुमा मंदिर परिसर माना जाता है। यहां की दीवारों, खंभों और छतों पर की गई बारीक नक्काशी भारतीय कला का शानदार उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस स्थान की सबसे खास बात इसकी ऊंची दीवारें और किले जैसा प्रवेश द्वार है, जिसकी वजह से यह जगह सामान्य मंदिरों से अलग दिखाई देती है। इतिहास, कला, साहित्य पर रुचि रखने वालों के अच्छी जगह साबित हो सकती है। यहां पर किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती।


7. मितावली 

इस जगह का नाम इतिहास के पन्नो में दर्ज है यहां जाने के लिए आपको थोड़ी सी चढ़ाई चढ़नी पड़ेगी जिस समय मैं गया था उस समय बहुत धूप थी इसलिए मेरी हालत खराब हो गई लेकिन अगर आप अच्छे मौसम में जाते है तो यही पल आपके लिए यादगार साबित हो जाएगा मुझे ऊपर पहुंचने में 10 मिनट लगे थे। ऊपर पहुंचने के बाद आपको शानदार व्यू दिखाई देता है।


यह स्थान अपनी गोलाकार संरचना, प्राचीन वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इसी के आधार पर संसद भवन बना हुआ है माना जाता है।

मितावली मंदिर को चौसठ योगिनी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इसका निर्माण लगभग 11वीं शताब्दी में कराया गया था। ग्वालियर घूमने आने वाले कई पर्यटक मितावली, गढ़ी पदावली और बटेश्वर मंदिर को एक साथ देखने का प्लान बनाते हैं। ग्वालियर में घूमने के और भी जगह है जैसे तानसेन का मकबरा, जय विलास पैलेस, सन टेंपल, zoo आदि।


8. बड़ा बाजार और टोपी बाजार 


ग्वालियर के सबसे प्रसिद्ध बाजारों में से एक है यहां आपको हर तरह के जरूरी सामान मिल जाते हैं स्थानीय लोग यहां से शॉपिंग करने आते है बड़ा बाजार में साड़ियां, पारंपरिक वस्त्र, हैंडीक्राफ्ट और रोजमर्रा की कई चीजें मिल जाती हैं। वहीं टोपी बाजार में जूते, बैग, लेदर प्रोडक्ट, फैशन आइटम और बजट शॉपिंग के लिए जाना जाता है। ग्वालियर घूमने का जो प्लान बनाते है वो इन बाजारों को अपने ट्रेवल लिस्ट में जरूर शामिल करते है।


ग्वालियर में होटल स्टे कहां करें?


ग्वालियर में होटल स्टे कहां करें?


Gwalior घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और धर्मशाला जैसे कई ठहरने के विकल्प मौजूद हैं। चाहे आपका बजट कम हो या आप आरामदायक होटल में रुकना चाहते हों, ग्वालियर में हर प्रकार की सुविधा आसानी से मिल सकती है।

अगर आप रेलवे स्टेशन या शहर के मुख्य इलाकों के पास रुकना चाहते हैं, तो होटल लेना अच्छा विकल्प माना जाता है। वहीं कम बजट में यात्रा करने वाले लोग धर्मशाला चुन सकते हैं, जहां रहने का खर्च बहुत कम होता है।


अगर आप होटल में रुकना चाहते हैं तो रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र, सिटी सेंटर एरिया, ग्वालियर फोर्ट के पास, मुख्य बाजार और पर्यटन स्थलों के आसपास आप अच्छे होटल ले सकते हैं जोकि ₹1000 से ₹1500 रुपए में विथ AC रूम मिल जाएगा।


अगर आपका Budget कम है तो धर्मशाला भी अच्छा ऑप्शन है जो आपको कम कीमत में अच्छी फैसेलिटी मुहैया कराती है। एक धर्मशाला में रूम ₹200 से ₹500 के बीच में रहता है आप अपने अकॉर्डिंग देख सकते हैं।


ग्वालियर घूमने में आपका क्या खर्चा आएगा?

यहां घूमने के लिए आपके पास कम से कम 3 दिन होने चाहिए 

ग्वालियर घूमने का 3 दिन का अनुमानित खर्च

अगर आप 3 दिन की ग्वालियर यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो होटल, धर्मशाला, खाने-पीने, स्कूटी, लोकल ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट टैक्सी का खर्च पहले से जानना उपयोगी हो सकता है। नीचे अनुमानित बजट टेबल दी गई है।

खर्च का प्रकार 1 दिन का खर्च 3 दिन का अनुमानित खर्च
होटल ₹1000 – ₹1500 ₹3000 – ₹4500
धर्मशाला ₹300 ₹900
खाने-पीने का खर्च ₹500 ₹1500
स्कूटी किराया ₹500 ₹1500
प्राइवेट टैक्सी ₹6000 ₹18000
लोकल ट्रांसपोर्ट ₹600 ₹1800

3 दिन का कुल अनुमानित बजट

यात्रा का तरीका कुल अनुमानित खर्च
धर्मशाला + खाना + स्कूटी ₹3900
होटल + खाना + स्कूटी ₹6000 – ₹7500
धर्मशाला + खाना + लोकल ट्रांसपोर्ट ₹4200
होटल + खाना + लोकल ट्रांसपोर्ट ₹6300 – ₹7800
होटल + खाना + प्राइवेट टैक्सी ₹22500 – ₹24000

कम बजट में ग्वालियर घूमने के लिए धर्मशाला और स्कूटी अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं परिवार या ग्रुप ट्रिप के लिए होटल और प्राइवेट टैक्सी अधिक सुविधाजनक मानी जाती है।

तो दोस्तो ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया तो हमें फॉलो करना न भूले मिलते हैं अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।



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