नेपाल कैसे जाएं क्या खर्चा आएगा कहां कहां घूमे ये सारी जानकारी? Nepal Turist Place 2026


नमस्कार दोस्तों मेरा नाम महेंद्र है और मै आज घूमने आया हूं नेपाल के काठमांडू शहर में जो नेपाल की राजधानी है। यहां आप कैसे आ सकते हैं क्या बजट आयेगा और कहां कहां घूम सकते हैं ये सारी जानकारी आपको बताऊंगा।

नेपाल की राजधानी काठमांडू में है और दिल्ली, सिलीगुड़ी, वाराणसी, गोरखपुर जैसे कुछ शहरों से यहां के लिए डायरेक्ट बसे चलती है जोकि ₹2000 से ₹3000 में काठमांडू पहुंचा देती है दिल्ली से अगर यहां आते हैं तो 24 से 25 घंटे लग सकते हैं और वाराणसी या सिलीगुड़ी से 15 से 16 घंटे लग सकते हैं और एक खास बात अगर आप फ्लाइट से आना चाहते हैं तो मैं कहूंगा कि आप दिल्ली से आए क्योंकि यहीं से आपको सबसे सस्ती फ्लाइट मिलेगी जो आपको ₹5000 रुपए में मात्र 2 घंटे में ही काठमांडू पहुंचा देगी। 

अगर आप देश से बाहर जाते हैं तो आपके पास पासपोर्ट होना चाहिए लेकिन नेपाल देश में आपके पास वोटर आईडी या आधारकार्ड होना चाहिए वीजा के लिए कोई दिक्कत नहीं होगी इंडियंस के लिए आराम से आ सकते हैं।

जिस होटल में मै रुका था वो लोकेशन थामेल एरिया है अगर आप कही और होटल लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं लेकिन थामेल एरिया है बेस्ट होगा आपके लिए यहीं से आपकी शानदार जर्नी शुरू होगी। काठमांडू में मै दोपहर में पहुंचा था तो इसलिए इवनिंग का ही टाइम था और मैं पहुंचा मेन सिटी से 10 किलोमीटर दूर बूढ़ानीलकंठ टेंपल जो विष्णु जी का मंदिर है लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से शिव जी का मंदिर है। बूढ़ानीलकंठ टेंपल में लोग मंत्र उच्चारण कर रहे थे।

ये मंदिर विष्णु जी के लिए जाना जाता है और उनकी मूर्ति पानी में लेटे हुए बनाया गया है। जब लोग कैलाश की ट्रिप करते हैं उसमें पशुपतिनाथ टेंपल आते है बूढ़ानीलकंठ टेंपल आते हैं और बुद्ध स्तूप ये तीनों जगहों की ट्रिप करते हैं। समुद्रमंथन के दौरान तब शिव जी ने विष पिया था और अपने कंठ की जलन को मिटाने के लिए त्रिशूल से वार करके एक झील बनाई जिसके पानी में विष्णु जी लेटे हुए अवस्था में है इसलिए एक मंदिर विष्णु जी और शिव जी दोनों का ही मंदिर माना जाता हैं। लेकिन पशुपतिनाथ मंदिर में शाम के टाइम भाग्गमती नदी के किनारे आरती भी होती है।


एक तरफ मंदिर और दूसरी तरफ शव जलाते हैं और इन्हीं सभी के बीच भव्य आरती होती है जिसका हिस्सा आपको जरूर बनना चाहिए।

अब मैं जा रहा काठमांडू से माउंटेन फ्लाइट लेने जिससे आप एक बार में नेपाल के लगभग 20 माउंटेन पिक्स दिखाए जाते हैं जिसमें माउंटेवरेस्ट भी शामिल होता है और इस ट्रिप के लिए आपको काठमांडू के डोमेस्टिक एयरपोर्ट पहुंचना होता है इस फ्लाइट में केवल हैंड बैग ही ले जा सकते हैं और फूड ले जाना मना है। 

ये माउंटेन का सफर एक घंटे का होता है और इसकी बुकिंग आप ट्रिप टू टेंपल के थ्रू कर सकते हैं और इसकी फीस ₹11000 हजार से ₹12 000 होता है। काठमांडू में घूमने के लिए बाइक या स्कूटी भी हायर कर सकते हैं जिसकी प्राइस ₹1000 नेपाली रुपया से हो जाते हैं काठमांडू की टूरिस्ट प्लेसेज सिटी में ही है और यहां ट्रैफिक बहुत लगता है इसलिए मॉर्निंग से ही ट्रिप के लिए निकल जाएं और इसी ट्रैफिक से होते हुए मै पहुंचा बोधनाथ टेंपल वैसे तो यहां और भी बुद्ध के टेंपल है लेकिन ये टेंपल उन सबसे खास है क्योंकि मान्यता की स्तूप के चारों ओर परिक्रमा करने से मनोकामना पूरी होती है।

बौद्धनाथ टेंपल बुद्धिस्ट लोगो के लिए एक तीर्थ स्थान है लोकल के लिए यहां कोई इंट्री फीस नहीं है इंडियन को ₹100 नेपाली रुपया देने होते हैं नेपाल में आपके फोन का नेटवर्क काम नहीं करता इसलिए आप एअरपोर्ट में या एयरपोर्ट के बाहर शॉप से सिम कार्ड खरीद सकते हैं जो आपको ₹400 नेपाली रुपया में 7 दिन की वैलेडिटी के साथ अनलिमिटेड डेटा मिल जाएगा।


नेपाल का सबसे पॉपुलर प्लेस की बात करे तो वो है पशुपतिनाथ मंदिर अब बारी थी भोलेनाथ जी के दर्शन करने की पशुपतिनाथ मंदिर काठमाण्डु शहर के बीच में ही है और एयरपोर्ट से 2 से 3 किलोमीटर की डिस्टेंस पर ही है जहां दर्शन के लिए सुबह सुबह ही जाना सबसे अच्छा समय माना जाता है क्योंकि तब भीड़ कम होती है पशुपतिनाथ मंदिर में शिवलिंग पंचमुखी रूप में है और अंदर फोटो या वीडियो नहीं बना सकते।

काठमांडू शहर में आपको असली नेपाल की झलक दिखती है और वो है दरबार स्क्वायर, काठमांडू में इवनिंग के टाइम ज्यादा तर लोग थामेल जाते हैं लेकिन ज्यादा तर लोकल यही दरबार स्क्वायर आते हैं
दरबार स्क्वायर में ढेरों मंदिर है जो नेपाल संरचना के अनुसार बनाए गए हैं। नेपाल में इंडिया की तरह समय समय पर त्यौहार मनाते हैं।

अगर आप नाइट लाइफ इंजॉय करना चाहते हैं तो थामेल एरिया आ सकते हैं। नेपाल का एक अलग ही रूप दिखाई देता है यहीं पर आप शॉपिंग भी कर सकते हैं लेकिन थोड़े महंगे हैं और बार्गेनिंग भी ज्यादा नहीं होती है लेकिन अनोखी चीजें जरूर मिल जाती है।


बौद्धनाथ टेंपल के अलावा यहां पर सैंभू नाथ टेंपल भी बुद्धिस्ट लोगो के बीच काफी प्रसिद्ध है और यहां तक पहुंचने के लिए काठमाण्डु के प्लेन सड़कों से थोड़ा ऊंचाई पर अपनी स्कूटी से चढ़ना होता है जहां पहने पर 5 मिनट और सीढ़ियों पर चढ़ना होता है और यहां पर मंदिर और बौद्धस्तूप दोनों साथ में देखने को मिल जाते हैं और यहीं से पूरे काठमांडू का व्यू दिखेगा।

शंभूनाथ मंदिर स्वयं ही प्रकट हुआ मंदिर माना जाता है यहां के शांतिपुर मंदिर में कहते हैं कि 15 सो वर्ष पूर्व एक जीवित व्यक्ति अंदर तप कर रहा है। यहां धरती माता का मंदिर है और ढेरों पुराने अवशेष भी है इंडियंस के लिए यहां ₹50 नेपाली रुपया फीस है।

नेपाल में आपको करेंसी एक्सचेंज करवाना है तो आप काठमांडू के थामेल में आ सकते हैं यहां पर आपको ढेरों दुकानें मिल जाएंगी जहां पर आप एक्सचेंज करवा सकते हैं ₹100 इंडियन रुपए में ₹160 नेपाली रुपया मिल जाता है। काठमांडू से लगभग 25 किलोमीटर दूर नगरकोट नाम की जगह है और यहां पर भी कुछ टूरिस्ट प्लेस हैं और यहां से माउंट एवरेस्ट भी दिखाई देता है और सनराइस भी काफी सुंदर होता है।

काठमांडू शहर पहाड़ों से घिरी घाटी शहर है और नेपाल की पोपुलेशन 3 करोड़ है यहां कोई रेलवे स्टेशन या ट्रेन की सुविधा नहीं है। थामेल में आपको होटल, रेस्टोरेंट और क्लब सभी मिल जाएगी। कुछ रेस्टोरेंट में ट्रेडिशनल डांस के साथ फूड भी सर्व करते हैं।

पोखरा 

पोखरा काठमांडू के बाद सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस है जो काठमांडू से 200 किलोमीटर की डिस्टेंस पर है लेकिन रस्ते बहुत खराब है और 8 से 10 घंटे पहुंचने में लग जाते हैं लेकिन आप काठमांडू से पोखरा फ्लाइट से ₹3000 दे करके 1 घंटे से कम समय में भी पहुंच सकते हैं अगर आप बस से आना चाहते हैं तो इसमें आपके ₹800 से ₹1500 सौ रुपए देने पड़ सकते हैं।

पुमधिकोट शिव मंदिर

पोखरा में मैं जाने वाला हूं सिटी से लगभग 11 किलोमीटर दूर पुमधिकोट शिव मंदिर जो समुद्र तल से 1500 मीटर की ऊंचाई पर है जहाँ पहुंचने के लिए 2 से 4 मिनट सीढ़ियां चढ़ने में लग जाते हैं और उसी दौरान बर्फीले पहाड़ भी करीब दिखाई देने लगते हैं यहां की इंट्री फीस फ्री है और जैसे ही मै यहां पहुंचा तो मुझे अनोखा वाद्ययंत्र का धुन सुनाई देने लगा शायद ये उन लोगों की आरती होती होगी। पीछे अन्नपूर्णा पहाड़ दिखाई देता है और पूरा पोखरा का व्यू यही से दिखाई देता है छोटे छोटे शिवलिंग यहां बने हुए हैं।

पुमधिकोट में शिव जी की ये मूर्ति 51 फिट ऊंची है वही शिव जी का डमरू 31 फिट का है और 216 शिवलिंग भी है हालांकि ये मूर्ति 2021 में ही बन कर तैयार हुई थी लेकिन कहते हैं कि यहां पर भुवनेश्वर महाराज का टेंपल हुआ करता था।

वर्ल्ड पीस पगोड़ा

यहीं से 3 किलोमीटर दूर वर्ल्ड पीस पगोड़ा भी है जहां जाने के रास्ते बहुत ही सुंदर है और यहां की इंट्री फीस फ्री है और बाहर के रास्ते में ढेरों शॉप्स हैं जहां से आप यूनिक चीजें खरीद सकते हैं।

गुप्तेश्वर महादेव मंदिर

पोखरा वापस लौटने के बाद मै गुप्तेश्वर महादेव मंदिर जा रहा हूं जो ऊपर से तो आम जगह है लेकिन जैसे इंट्री टिकट लेकर नीचे जाते हैं तो ये रास्ता आपको काफी नीचे ले जा कर गुफाओं में ले जाता है जहां गुप्तेश्वर महादेव जी का मंदिर है। थोड़ा अंदर जाके मुझे देखने को मिला वॉटरफॉल जो डेविस वॉटरफॉल के नाम से जाना जाता हैं और इसी वॉटरफॉल को आप टेंपल के बाहर रोड के दूसरे साइड जाकर ऊपर से देख सकते हैं।

इसके बाद मैने हॉट एयर बैलून की राइड ली जो पोखरा से 10 से 12 किलोमीटर दूर होती है जहां पहुंचते ही कंसेंट फॉम साइन कराए जाते हैं उसके बाद शुरू होती है हमारी राइड जो हमे 4000 से लेकर 6000 की फिट पर ले जाते है जहां से हमे अन्नपुर्णा माउंटेन दिखाई देता है अगर आप सनराइस देखना चाहते हैं तो मॉर्निंग राइड लें।

पोखरा में अगर होटल लेना चाहते हैं तो फेवा लेक के के नजदीक ले क्योंकि यहां से आप मार्केट पैदल ही घूम सकते हैं और सारे ट्रांसपोर्टेशन भी मिल जाते हैं।

गांरुक विलेज 

अब मैं जा रहा हूं गांरुक के लिए जो एक खूबसूरत प्लेस है। गांरुक विलेज पोखरा से लगभग 50 किलोमीटर की डिस्टेंस पर है वहां पहुंचने से पहले रास्तों में उनसे भी खूबसूरत खूबसूरत विलेजस देखने को मिले जो धीरे धीरे हमें नीचे ले जा रहे थे वहां जाने के एक परमिट की जरूरत पड़ती है इसके बिना आप नहीं जा सकते हैं। ₹1000 नेपाली रुपया लगते हैं परमिट के लिए , रास्ते कुछ दूरी तक सही थे लेकिन उसके बाद के रास्ते काफी खराब थे। कुछ दूरी के बाद पैदल यात्रा करना पड़ता है वहां तक जाने के लिए, गाँव काफी सुंदर था बाकी जो रास्ते में गांव थे वो भी काफी खूबसूरत तो दोस्तो ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया हो तो हमे फॉलो करना न भूले मिलते हैं अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।







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