Haridwar Travel Guide: 2 दिन की यात्रा, बजट और घूमने की पूरी जानकारी।


हरिद्वार यात्रा


 नमस्कार दोस्तों मेरा नाम महेन्द्र है और मैं भारत के सबसे पवित्र शहरों में से एक Haridwar घूमने आया हूं हरिद्वार न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत संगम भी है। गंगा नदी के पवित्र तट पर बसा यह शहर हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।


हरिद्वार का नाम सुनते ही मन में Har Ki Pauri की भव्य गंगा आरती, मंदिरों की घंटी की गूंजे और श्रद्धा से भरी भक्तों की भीड़ आंखों के सामने दिखाई देने लगती है यहाँ आकर व्यक्ति न केवल धार्मिक अनुभव प्राप्त करता है, बल्कि अपने मन और आत्मा को भी शांति करता है।


अगर आप भी एक ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और सुकून एक साथ मिले, तो हरिद्वार यात्रा केवल आपके लिए है इस ब्लॉग में हम आपको हरिद्वार की सबसे खूबसूरत जगहों, यात्रा के सही समय, जरूरी टिप्स और यहां आने पर आपका Budget क्या होने वाला है ये सारी जानकारी मैं आपको दूंगा।


Haridvar कैसे पहुंचे?


Haridvar में रेलवे स्टेशन है और कई बड़े शहरों से यहां के लिए डायरेक्ट ट्रेन मिल जाती है जैसे Delhi, Mumbai, Lucknow, Varanasi, Kolkata, Jaipur, Ahmedabad, Chandigarh, Amritsar, Dehradun, Indore, Bhopal आदि। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन दोनों आमने सामने हैं बस भी आपको आपके शहर से डायरेक्ट यहां के लिए मिल जाती है और यहां से शेयरिंग ऑटो, रिक्शा, E रिक्शा सब मिल जाएगा। अगर आप Airoplane से आना चाहते हैं तो अरिद्वार से आपका सबसे नजदीक एयरपोर्ट देहरादून का होगा जोकि 40 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है।


हर की पौड़ी, हरिद्वार – Har Ki Pauri


हर की पौड़ी, हरिद्वार – Har Ki Pauri

Har Ki Pauri, Haridwar का सबसे प्रसिद्ध और पवित्र घाट है, जहाँ हर दिन हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए और माँ गंगा का आशीर्वाद लेने आते हैं। “हर की पौड़ी” का अर्थ होता है “भगवान के चरण” और मान्यता है कि यहां भगवान Vishnu के पदचिह्न मौजूद हैं।


मै सुबह के 8 बजे से निकल गया था Har ki Poudi के लिए, कोतवाली से मैने रिक्शा किया था जिसके मैने ₹20 रूपये दिए थे। Har ki Poudi रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है और रिक्शा ही सबसे अच्छा माध्यम है यहां पहुंचने का।


हरिद्वार उत्तराखंड स्टेट में पड़ता है और यहां गंगा नदी बहती है गंगोत्री में गोमुख से निकल कर पहाड़ों के बाद हरिद्वार के मैदानी एरिया में आती है प्रयागराज, उज्जैन और नासिक के अलावा यहां पर भी कुंभ मेला लगता है और सावन में बहुत सारे कांवरिया यहां जल लेने आते हैं Har ki Poudi को हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र घाट माना जाता है और ये भी माना जाता है कि यहां अमृत की कुछ बूंदे गिरी थी और स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।


यह स्थान खासतौर पर Kumbh Mela के दौरान और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है, जब लाखों श्रद्धालु यहाँ एकत्रित होते हैं। हर की पौड़ी की शाम की गंगा आरती पूरे भारत में प्रसिद्ध है। जैसे ही सूरज ढलने लगता है वैसे ही संध्या आरती शुरू हो जाती है। नदी के किनारे सैकड़ों दीपकों से हर की पौड़ी और भी खूबसूरत दिखाई देती है। मंत्रों के गूंज चारों ओर फैल जाते हैं जो मन को सुकून देता है 


👉 टिप: आरती का सही अनुभव लेने के लिए शाम को समय से पहले पहुँचें।


Har Ki Pauri केवल एक घाट नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। यहाँ आकर हर व्यक्ति अपने जीवन की भागदौड़ से दूर शांति और सुकून का अनुभव करता है। 

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मनसा देवी मंदिर हरिद्वार – मनोकामना पूरी करने वाला पवित्र धाम


मनसा देवी मंदिर हरिद्वार

इसके बाद मै मनसा देवी टेंपल गया उसी रिक्शे से जिससे मैं हर की पौड़ी के लिए गया था। मै रोपवे तक जाऊंगा जिसके लिए मैने ₹20 रुपए दिए थे मनसा देवी का रास्ता हर की पौड़ी के पास में ही है और आप रोपवे का USE करे क्योंकि उससे टाइम भी बचता है और आराम भी मिलता है यहां रोपवे का टिकट मिलता है और आप चंडी देवी टेंपल के लिए भी टिकट ले सकते हैं जोकि ₹200 रुपए का पड़ता है और अलग अलग सर्विसेस के अलग अलग चार्जेस ( टिकट्स ) हैं।


अगर आप पैदल आना चाहते हैं तो 2 से 3 किलोमीटर का सफर होगा जिसमें 30 से 35 मिनट लगेंगे और ट्रैकिंग का मजा भी ले सकते हैं बस इसमें यही फायदा है कि आपके पैसे रोपवे में खर्च नहीं होंगे।


Mansa Devi Temple, Haridwar के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र मंदिरों में से एक है। मंदिर बिल्व पर्वत (Bilwa Parvat) की ऊँचाई पर स्थित है और माँ Mansa Devi को समर्पित है “मनसा” का अर्थ होता है “मन की इच्छा” और मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना जरूर पूरी होती है। 


रोपवे के एक ट्रॉली में 4 से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकते है और ऊपर जाने में 5 मिनट का समयलगता है। रोपवे से उतरने के बाद आपको 3 से 4 मिनट पैदल चलना होगा। हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं और भक्त यहां धागा बाँधकर अपनी इच्छा मांगते है और पूरी होने पर वापस आकर उसे खोलते हैं। यहां पर सबसे ज्याद भीड़ नवरात्रि के समय देखने को मिलेगा। 

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चंडी देवी मंदिर हरिद्वार – Chandi Devi Temple


चंडी देवी मंदिर हरिद्वार – Chandi Devi Temple


मनसा देवी टेंपल के बाद मै Chandi Devi Temple के लिए गया और ये ट्रिप आपका सबसे खास हिस्सा बन सकता है क्योंकि नील पर्वत की चोटी पर स्थित यह मंदिर माँ चंडी देवी को समर्पित है और यहां से गंगा नदी व हरिद्वार शहर का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।


मैं ऑटो रिक्शा से गया था जाने के ₹200 रुपए बता रहे थे लेकिन मैने थोड़ी बार्गेनिंग कर ली जिससे मुझे ₹80 रुपए का फायदा हुआ आप भी बारगेनिंग जरूर करें आप चाहे तो जाने आने के लिए भी बुक कर सकते हैं जिसका ₹400 रुपए कह रहे थे लेकिन आप बार्गेनिंग जरूर करें अगर पैसे बचाने है तो, मनसा देवी टेंपल से चंडी देवी टेंपल लगभग 5 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है और पहुंचने में 20 से 25 मिनट लगते हैं चंडी देवी टेंपल के पास पहुंचने के बाद आपको दो रास्ते मिलते हैं मंदिर जाने के लिए एक है पैदल यात्रा जोकि एक से दो किलोमीटर चलना पड़ेगा और थकान भी आपको लगेगी क्योंकि सीधी ऊपर की ओर चढ़ना पड़ेगा और दूसरा है रोपवे जिसमें आपके ₹200 रुपए लगेंगे आने और जाने का जिसमें आपका टाइम बचेगा और मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।


चंडी देवी मंदिर का निर्माण 1929 में Suchat Singh ने करवाया था। मान्यता है कि इसी स्थान पर देवी चंडी ने राक्षसों का वध किया था यह मंदिर Neel Parvat पर बना है, जो शिवालिक पर्वतमाला का एक हिस्सा है।


दर्शन का समय सुबह 5 से रात 9 बजे तक कर सकते हैं नवरात्रि के दौरान यहां विशेष भीड़ होती है क्योंकि यह समय माँ चंडी की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है।




शांतिकुंज हरिद्वार - Shantikunj Haridwar 


चंडी देवी टेंपल के बाद मै शांतिकुंज के लिए गया था जो हरिद्वार का सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेसो में से एक है यह सिर्फ एक आश्रम नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय जैसा है, जहां योग, ध्यान, संस्कार और जीवन जीने की कला सिखाई जाती है। यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु शांति और आत्मिक ऊर्जा पाने के लिए आते हैं। शांतिकुंज की स्थापना Pandit Shriram Sharma Acharya ने की थी। यहां पर योग साधना और नियमित प्राणायाम कराई जाती है और यज्ञ पूजा भी होती है जिससे वातावरण शुद्ध होता है इसके अलावा बच्चों को कला साहित्य, जीवन जीने की कला और संस्कार सिखाए जाते हैं।


शांतिकुंज चंडी देवी टेंपल से लगभग 8 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है और यहां आने में 30 से 35 मिनट लग जाते हैं। मैने यहां आने के लिए ऑटो किया था जिसके मैने ₹150 रुपए दिए थे। शांतिकुंज में ठहरने की सुविधा उपलब्ध है लेकिन आपको पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा साधारण भोजन भी मिलेगा। सुबह और शाम के समय आयेंगे तो आपको ज्यादा अच्छा लगेगा। यहां पर शिक्षा भोजन और ठहरने के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता है। 


यात्रा के दौरान जरूरी टिप्स


1. आश्रम के नियमों का पालन करें।

2. साधारण और शालीन कपड़े पहनें।

3. मोबाइल का कम इस्तेमाल करें ताकि ध्यान में बाधा न आए।

4. पहले से जानकारी लेकर ही ठहरने का प्लान बनाएं।

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भारत माता मंदिर हरिद्वार – Bharat Mata Mandir


इसके बाद आप Bharat Mata Mandir जा सकते हैं क्योंकि यह मंदिर अपने अनोखे स्वरूप और देशभक्ति की भावना के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। यहां देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ-साथ भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों को भी सम्मान दिया गया है। भारत माता मंदिर का उद्घाटन 1983 में Indira Gandhi द्वारा किया गया था इस मंदिर का निर्माण Swami Satyamitranand Giri ने करवाया था। यह मंदिर भारत माता को समर्पित है और देश की एकता, संस्कृति और इतिहास को दर्शाता है। 


मंदिर की खासियत


भारत माता मंदिर 8 मंजिला इमारत है, जहां हर मंजिल पर अलग-अलग थीम देखने को मिलती है 


पहली मंजिल – भारत माता की प्रतिमा

दूसरी मंजिल – स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित

तीसरी मंजिल – मातृशक्ति और नारी शक्ति

चौथी मंजिल – संत और महापुरुष

पांचवीं मंजिल – विभिन्न धर्मों का सम्मान

छठी मंजिल – शक्ति स्वरूपा देवी

सातवीं मंजिल – भारत के विभिन्न राज्य

आठवीं मंजिल – भगवान शिव का मंदिर


भारत माता मंदिर रेलवे स्टेशन से 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर है और यहां पर आप 20 मिनट में पहुंच जाते हैं और किराया ₹30 रुपए से ज्यादा नहीं लगेगा। शांति कुंज से 8 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है जिसमें 30 से 35 मिनट लगेंगे और यहां आने के लिए मैने ₹40 रुपए दिए थे। यहां आने का सबसे अच्छा समय सुबह का है। भारत माता मंदिर के पास ही बहुत सारे और भी सुंदर सुंदर टेंपल देखने को मिलते हैं अगर आपके पास समय मिलता है तो बाकी के टेंपल में जरूर दर्शन करें।


Best Location ( Hotel Stay )


मैने जो होटल लिया है वो रेलवे स्टेशन से 500 मीटर की दूरी पर, क्योंकि अगर मुझे कही दूसरी जगह जाना भी होगा तो मैं आसानी से कम समय अपने डेस्टिनेशन में पहुंच सकता हूं इसलिए मैने अपना रूम स्टेशन के पास लिए है इसका जो मुझे रेंट पड़ा वो ₹700 रुपए पड़ा जिसमें 500 स्क्वायर फिट के कमरे में टायलेट, वॉशरूम मिला है मेरे लिए इतना स्पेस काफी है क्योंकि मै हरिद्वार अकेले गया था आप इससे बड़ा रूम भी ले सकते हैं जोकि ₹1000 से ₹1500 रुपए में मिल जाएगा 



Budget Kya Hoga 


अब मैं आपको बताता हूं यहां घूमने का क्या खर्चा आएगा ? लेकिन इससे पहले मै आपको बता देता हूं कि प्रॉपर अगर आपको हरिद्वार घूमना है तो 3 दिन का समय लेकर चले लेकिन मैने केवल 2 दिन का ही ट्रिप किया था जिसमें मैने हर की पौड़ी, मनसा देवी टेंपल, चंडी देवी टेंपल, शांति कुंज और भारत माता मंदिर घुमा था लेकिन अगर आप 3 दिन लेकर चलेंगे तो आप वैष्णो देवी यात्रा, पवन धाम , राजाजी नेशनल पार्क , पतंजली योगपीठ और पास में ही ऋषिकेश पड़ता है तो आप ये सारे प्लेसेस भी घूम सकते हैं।


रहने का खर्च आपका एक दिन का ₹700 पड़ेगा। और खाने पीने में भी आपका ज्यादा खर्च नहीं होगा क्योंकि मैने देखा है जितने भी जगह घूमने गया हूं उसके कंपेयर में 50 प्रतिशत कम का खर्च मेरा आया है। मेरा पर दे ₹200 रूपये से ज्यादा खर्च नहीं हुआ है।


ट्रैवल में, मै आपके भरोसे छोड़ता हूं क्योंकि रोपवे का USE करेंगे और ऑटो रिक्शा वाले से बार्गेनिंग नहीं करेंगे तो उतने ही लगेंगे जितने मैने ऊपर हर किराए पर बताया है मै अगर अपना बताऊं तो

 दो दिन का ₹1200 रुपए से ज्यादा नहीं लगा है। जिसमें मैने रोपवे का भी स्तेमाल किया है। 

2 दिन का हरिद्वार ट्रैवल बजट प्लान (₹3200 में पूरी यात्रा)

अगर आप हरिद्वार घूमने का प्लान बना रहे हैं और कम बजट में यात्रा करना चाहते हैं, तो यह 2 दिन का बजट प्लान आपके लिए परफेक्ट है।

📊 2 दिन का ट्रैवल खर्च

खर्च का प्रकार प्रति दिन खर्च (₹) कुल खर्च (₹)
🏨 होटल 700 1400
🍽️ खाना 200 400
🚕 ट्रैवल 1000 1000
🚡 रोपवे 200 200
🧾 अन्य खर्च 100 200
💰 कुल - 3200

💡 जरूरी टिप्स

  • ऑफ-सीजन में होटल सस्ते मिलते हैं
  • शेयर ऑटो से ट्रैवल सस्ता होता है
  • सुबह जल्दी घूमना शुरू करें
तो दोस्तो ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया तो हमें फॉलो करना न भूले मिलते हैं अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।


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