मुंबई टूरिस्ट प्लेसेज: घूमने की 15 बेहतरीन जगहें, टाइमिंग और बजट गाइड। 2026 बजट टूर प्लान।

गिरगांव चौपाटी का नजारा


 नमस्कार दोस्तों मेरा नाम महेंद्र है और मैं घूमने आया मुंबई, यहां आपका क्या टूर प्लान होगा, क्या बजट होगा ये मै आपको बताऊंगा।


मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी है इसे पहले बंबई के नाम से भी जाना जाता था मुंबई देश की फाइनेंशियल कैपिटल है और यहां पहुंचा बेहद आसान है क्योंकि यहां एयरपोर्ट कई सारे रेलवेस्टेशन और आस पास के सिटीज से बस की भी सुविधा है मुंबई घूमने का सबसे अच्छा और सस्ता ट्रांसपोर्टेशन होता है लोकल ट्रेन का क्योंकि इससे आप ₹5 से ₹10 रुपए में 20 से 30 किलोमीटर आ जा सकते हैं पर इसके लिए आपको काफी भीड़ भाड़ का सामना करना पड़ेगा।


यहां बस की भी सुविधा है उसमें काफी भीड़ के साथ टाइम भी लगता है इसलिए आप टैक्सी या ऑटो का स्तेमाल करे जोकि हर जगह अवेलेबल हो जाएगी। यहां पर ऑटो का मीटर मिनिमम ₹18 रुपए से स्टार्ट होता है और 4 से 5 किलोमीटर का ₹50 रुपए तक लग सकता है जबकि टैक्सी का मीटर मिनिमम ₹22 रुपए से स्टार्ट होता है। 3 से 4 किलोमीटर के ₹50 से ₹60 रुपए लग सकता है। 


मैने यहां पर लोकल बस, टैक्सी, ऑटो और लोकल ट्रेन सभी का

 स्तेमाल किया ताकि आप सबको इसके बारे में पता होना चाहिए।


एलिफेंटा केव

गेटवे ऑफ इंडिया और एलिफेंट केव 


पहले दिन मैं गेटवे ऑफ इंडिया और एलिफेंट केव के लिए गया इसके लिए आप चर्च गेट लोकल पर उतरे और ₹10 रुपए की शेयरिंग कैब लेकर गेटवे ऑफ इंडिया पर उतर जाए। इसके सामने ताज होटल भी अगर ₹10 रुपए की चाय ₹50 रुपए में पीनी है तो आप जा सकते हैं। गेटवे ऑफ इंडिया एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक है और मुम्बई की जान इसी में बसी है। 


इसका निर्माण 1911 में शुरू हुआ था लेकिन बन कर तैयार हुआ 1924 में किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी के भारत आने की याद में। इसमें भारतीय और स्लामिक वास्तुकला का मिश्रण है। 1948 में आखरी ब्रिटिश सैनिक भारत से रवाना हुए इसलिए इसे आजादी का प्रतीक भी माना जाता है। 


इसकी ऊंचाई लगभग 26 मीटर है सामने खुला समुद्र दिखाई देता है और पीछे ताज होटल है। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए शानदार जगहों में से एक है।


मै जनवरी में आया हूं और इस टाइम काफी गर्मी थी लेकिन यूपी बिहार के तरफ इस टाइम ठंडक पड़ रही है। शाम के समय ये अच्छा दिखने लगता है क्योंकि लाइटिंग वगैरह लग जाती है। 


अब मैं जा रहा हूं एलिफेंटा केव के लिए बोट से जो आपको इंडिया गेट के पास ही टिकट काउंटर मिल जाएगा। एलिफेंटा के लिए हर 15 से 20 मिनट में फेरी/ बोट मिल जाएगी। डायरेक्ट आप यहां आ कर बुक कर सकते हैं। फेरी/बोट में अगर आप ऊपर बैठना चाहते हैं तो ₹10 रुपए अलग से देना पड़ेगा। एलिफेंटा केव इंडिया गेट से 11 किलोमीटर की डिस्टेंस अरब सागर की द्वीप पर है।


एलिफेंटा केव तक पहुंचने में फेरी से आपको 1 से 2 घंटे लग सकते हैं और इतना ही वापस आने में, इस करनी की खास बात है रस्ते में ठंडी ठंडी हवाएं और पंछी जो रास्ते भर खाने के लिए आपके फेरी के साथ उड़ते रहते हैं। एलिफेंटा जैसे ही आप आते हैं तो आपको एक मिनी ट्रेन मिलेगी। एक किलोमीटर की डिस्टेंस होती है और ₹10 रुपए लगते हैं।


यहां आते ही मुझे काफी सारे शॉप्स देखने को मिले जहां से आप शॉपिंग कर सकते हैं एलिफेंटा केव के लिए अलग से ₹40 रुपए देने होंगे। एलिफेंटा केव को लोकल लैंग्वेज में धरापुरी भी कहते हैं। इसे एलिफेंटा इसलिए कहते हैं क्योंकि पुर्तगालियों ने यहां पत्थर के हाथी दिखे थे जिसकी वजह से इसको एलिफेंटा कहने लगे।


एलिफेंटा एक प्राचीन चट्टानों को काट कर बनाया गया गुफाओ का समूह है जो भगवान शिव जी को समर्पित है। 5वीं से 8वीं सदी के बीच बनी मानी जाती है। यहां पर तीन चेहरे वाला शिव, ब्रम्हा और विष्णु की विशाल मूर्ति है, शिव के साथ पार्वती की विवाह मूर्ति भी है, नटराज की नृत्य करते हुए और अर्धनारीश्वर की कलाकृति देखने को मिलेगी। यहां पर लगभग 7 गुफाएं है मुख्य गुफा सबसे बड़ी है।


अगर आप 10 मिनट की चढ़ाई करते हैं तो आपको काफी अच्छा व्यू पॉइंट मिलेगा। यहां पर पानी की बोतल ₹30 रुपए की मिलेगी। यहां पर खाने पीने की चीजें महंगी मिलेगी हो सके तो अपने पास खाने पीने का सामान बोट पर चढ़ने से पहले ही खरीद लें। कुलमिलाकर एलिफेंटा की ट्रिप 4 से 5 घंटे की होती है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे का अच्छा होता है क्योंकि टूरिस्ट्स इसी समय सबसे ज्यादा आते हैं सोमवार को बंद मिलेगा और अक्टूबर से मार्च का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।


हाजी अली दरगाह


महालक्ष्मी टेंपल से हाजी अली दरगाह 


इसके बाद मै महालक्ष्मी टेंपल के लिए निकल गया। सुबह 6 बजे ओपन हो जाती है बहुत ही शांत वातावरण है मैने दर्शन कर लिए है आप भी जरूर कर लेना। महालक्ष्मी मंदिर के पास 3 से 4 फिट वाली डोस की दुकानें मिलेगी जिनका प्राइस ₹250 से ₹300 रुपए की पड़ेगी। 


इसके बाद में हाजी अली दरगाह के लिए निकल गया जो मुंबई की सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेसेस में से एक है। ये समुद्र के बीच में बसा हुआ है सामने आपको मुंबई देखेगी वहीं से आपको चलकर यहां आना पड़ेगा। महालक्ष्मी टेंपल से एक किलोमीटर की डिस्टेंस पर है व्यू आपको शानदार दिखेंगे।


हैंगिंग गार्डेन 


इसके बाद मै मालाबार हिल्स के लिए गया और यही पर पड़ता है हैंगिंग गार्डेन वहीं जा रहा हूं काफी शांत एरिया है और थोड़ी ऊंचाई पर पड़ता है। हैंगिंग गार्डेन छोटा सा ही है नॉर्मल गार्डन की तरह झाड़ियों को काट कर सुंदर आकार का जानवर बनाया गया है जो बच्चों को काफी पसंद आते हैं। इसके सामने ही कमला नेहरू गार्डन भी है और यही पर old Woman Shoe भी बना है जिसमें बच्चे चढ़कर खेलते है। यहां आने का समय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक यहां प्रवेश निःशुल्क है।


गिरगांव चौपाटी 


अब मैं जा रहा गिरगांव चौपाटी, यहां पर कई स्पोर्ट्स एक्टिविटी देखने को मिलेगा चौपाटी मुंबई का सबसे प्रसिद्ध बीचों में से एक है जो मरीन ड्राइव के पास हो पड़ता है। अभी भी यहां आ सकते हैं लेकिन शाम का नजारा काफी शानदार होता है स्ट्रीट फूड का आनंद ले सकते हैं। गणेश विसर्जन में यहां काफी भीड़ रहती है और यहीं ढेर सारे कबूतर देखने को मिलेंगे। 


छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल


छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल 


छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल जिसे संक्षेप में ( CSMT ) भी कहते हैं मुंबई का ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन में से एक है और ट्रेवलर यहां एक बार तो जरूर ही आते हैं देखने के लिए, सबसे व्यस्त रेलवेस्टेशनों में एक है। शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है। पहले इसका नाम विक्टोरिया टर्मिनल (VT) था। 1996 में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल कर दिया गया था। 


CSMT का इतिहास 

CSMT को बनाने का काम शुरू किया गया है 1878 में और बनकर तैयार हुआ था 1887 में, इसे क्वीन विक्टोरिया के 50 साल भारत में शासन की यादगार के लिए बनाया गया था। 2004 में UNESCO ने इसे World Heritage Site घोषित कर दिया। रात में जब यहां लाइटिंग होती है तब यह और भी खूबसूरत दिखाई देने लगता है। फोटोग्राफी के लिए शानदार जगह है। इंट्री फीस फ्री है 

 

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल ( CSMT) जाना न भूले जोकि आपने कई सारी मूवी के सीन्स में देखा ही होगा। स्टेशन 24 घंटे खुला रहता है कभी भी यहां आ सकते हैं लेकिन फोटोग्राफी के लिए सुबह का समय और रात का समय सबसे बेस्ट है घूमने का समय मानसून सबसे बेस्ट है अक्टूबर से मार्च के बीच में, वैसे बरसात का समय भी अच्छा है लेकिन यहां बारिश बहुत ज्यादा होती है इस बात का ध्यान रखें। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल के सामने महाराष्ट्र के कई सारे फ़ूड के शॉप्स है जोकि स्वाद में लाजवाब होते हैं और आप महाराष्ट्र में आए हैं तो इसे ट्राई करना न भूले।


CMST क्यों प्रसिद्ध है?

इसके चार वजह है,

1. UNESCO World Heritage Site

2. ऐतिहासिक महत्व

3. शानदार ब्रिटिशकालीन वास्तुकला

4. मुंबई की पहचान


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)


1. CSMT का पुराना नाम क्या था?

Victoria Terminus (VT)


2. क्या CSMT UNESCO साइट है?

हाँ, 2004 से।


3. क्या यहाँ घूमने के लिए टिकट लगता है?

नहीं, एंट्री फ्री है।


4. CSMT कहाँ स्थित है?

दक्षिण मुंबई, फोर्ट एरिया।



CSMT के कुछ ही दूरी पर पड़ता है फैशन स्ट्रीट मार्केट जो फुटपाथ पर लगती है आप बार्गेनिंग भी कर सकते हैं।


मरीन ड्राइव


मरीन ड्राइव 


मरीन ड्राइव मुंबई की सबसे प्रसिद्ध समुद्री किनारा है लगभग 3 से 4 किलोमीटर लंबा समुद्र तट है रात में जब स्ट्रीट लाइट जलती है तो क्वीन नेकलेस ( रानी का हार) जैसा दिखाई देता है। मरीन ड्राइव दक्षिण मुंबई में नरीमन प्वाइंट से गिरगांव चौपाटी तक फैला हुआ है यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है बस या फिर टैक्सी से, आपको फोटो ग्राफी का शौक है तो शाम का समय सबसे बेस्ट है। अगर घूमने आ रहे हैं तो सुबह 6 से 9 और रात को 5 से 9 सबसे बेस्ट टाइम है। यहां पर कोई इंट्री फीस नहीं है। यहां पर एक परेशानी को फेस करना पड़ेगा और वो है ट्रैफिक।


मकलेश्वर केव


महाकाली केव की जानकारी 


महाकाली केव जिसे कोंडिविटा केव भी कहा जाता है मुंबई के अंधेरी ईस्ट इलाके में है जो 1st से 6st शताब्दी के बीच बनाई मानी जाती है। अगर आप ऐतिहासिक और कम भीड़ भाड़ और शांत वातावरण में घूमना चाहते हैं तो तो महाकाली केव आ सकते हैं। यहां पर आप सुबह 9 से शाम 5 के बीच में कभी भी आ सकते हैं और सोमवार को बंद रहती है। यहां की इंट्री फीस ₹20 रुपए है।



पोवई लेक के बारे में 


मुझे रस्ते में ये लेक दिखाई पड़ा तो मैं यहां आ गया। यह लेख 1890 ब्रिटिश काल में बनाया गया था मूल रूप से मुंबई शहर को पानी आपूर्ति के लिए लेकिन ये अब केवल टूरिस्ट स्पॉट बनकर रह गया है। टूरिस्ट और स्थानीय लोग यहां पर शांत वातावरण का अनुभव  और ठंडी ठंडी हवाओं का आनंद लेने आते हैं। यहां कोई इंट्री फीस नहीं है। सुबह 6 से 9 के बीच में और शाम को 4 से 8 के बीच में आ सकते हैं। फोटोग्राफ के लिए भी अच्छी जगह है। 


(FAQ)अक्सर लोग पूछते हैं?


1. पोवई लेक क्यों प्रसिद्ध है?

प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण।


2. क्या यहाँ बोटिंग होती है?

नहीं, वर्तमान में बोटिंग की अनुमति नहीं है।


3. क्या यह जगह परिवार के लिए सुरक्षित है?

हाँ, दिन के समय सुरक्षित है।


लिंकिंग रोड मार्केट (मुंबई की शॉपिंग प्लेस)


लिंकिंग रोड मुंबई के बांद्रा इलाके में है जहां पर लोग शॉपिंग करने आते हैं यहां पर ट्रेंडी शूज, शर्ट, पेंट से लेकर टाई बैल्ट सब मिलता है लोकल ब्रांड से लेकर ब्रांडेड ब्रांड तक, अगर आप कम बजट में अच्छे कपड़े खरीदना चाहते हैं तो ये जगह आपके लिए सबसे अच्छी है। यहां पर आप सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक कभी भी आ सकते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)


अ. क्या Linking Road सस्ती शॉपिंग के लिए अच्छी है?

हाँ, यहाँ बजट में फैशनेबल कपड़े मिलते हैं।


ब. क्या यहाँ ब्रांडेड स्टोर भी हैं?

हाँ, स्ट्रीट शॉप्स के साथ कई ब्रांडेड शोरूम भी हैं।


स. क्या यह परिवार के साथ घूमने लायक है?

हाँ, लेकिन वीकेंड पर भीड़ ज्यादा होती है।



बांद्राफोर्ट

बांद्रा फोर्ट कैसे जाएं और कब जाए? 


 बांद्रा फोर्ट, जिसे Castella de Aguada भी कहा जाता है और यही पर शाहरुख खान का घर ( मन्नत) भी है ये जगह इतिहास प्रेमियों, कपल्स और फोटोग्राफर के लिए बेहतरीन जगह है। यहां समुद्र किनारे किला का भी बना है जिसका निमार्ण 1640 में हुआ था यहां कई सारी मूवी की शूटिंग भी हुई थी। यहां पर आप सुबह 6 से शाम 7 बजे तक कभी भी आ सकते हैं। शाम के समय सनसेट का नजारा ले सकते हैं फोटोग्राफी कर सकते हैं और यहां इंट्री फीस फ्री है। 


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)


अ. बांद्रा फोर्ट कब बना था?

1640 में पुर्तगालियों द्वारा।


ब. क्या यहाँ एंट्री फीस है?

नहीं, एंट्री मुफ्त है।


स. बांद्रा फोर्ट क्यों प्रसिद्ध है?

समुद्र और सी लिंक के सुंदर दृश्य के कारण।


मुंबई में चर्च गेट साइड आपको काफी पुराने बिल्डिंग देखने को मिलेंगे और इस साइड ही काफी सारे टूरिस्ट स्पॉट देखने को मिलेंगे। मुंबई में हमेशा भीड़ भाड़ देखने को मिलेगा। लोकल ट्रेन का टिकेट ₹5 रुपए का होता है इसके साथ ही मुंबई में डबल डेकर बसे भी चलती है यहां बस का मिनिमम किराया ₹5 रूपये होता है जबकि AC बस का ₹6 रुपए होता है Ac सीट में जितने सीट्स होते है उतने ही लोग होते है।


 अब मैं आपको बताता हूं 2 दिन में आपका क्या खर्चा आएगा 


होटल खर्चा ₹2000/-

खाने पीने का खर्च ₹1000/-

ट्रांसपोर्टेशन ₹1500/-


तो ये रहा आपका 2 दिन का मुंबई घूमने का खर्चा टोटल ₹4500 का खर्च होगा। तो दोस्तों ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया तो हमें फॉलो करना न भूले मिलते हैं अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।



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