चित्रकूट घूमने का पूरा ट्रैवल गाइड 2026 – खर्चा, बेस्ट टाइम, होटल और दर्शनीय स्थल


चित्रकूट टूरिस्ट प्लेस

 1. चित्रकूट यात्रा बजट – पूरी जानकारी

चित्रकूट उत्तरप्रदेश का एक एक छोटा सा शहर, छोटा सा गांव, और छोटा सा धार्मिक नगरी का मिश्रण है। माना जाता है कि भगवान राम जी ने 14 वर्ष वनवास में 11 वर्ष यही रहकर काटे थे इसलिए ये जगह धार्मिक आस्था, पौराणिक कथाओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहीं पर श्री राम से भरत ने अयोध्या वापस लौटने का अनुरोध भी किया था। ये नगरी ऋषि मुनियों की तपोभूमि रही है विशेषकर महर्षि वाल्मीकि जी का आश्रम यहां माना जाता है।


 दोस्तों अगर चित्रकूट घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यहां आप कब आ सकते है, कैसे यहां घूम सकते हैं, क्या बजट टूर प्लान होगा और कौन कौन प्लेसेस है जहां आपको जाना चाहिए ये सारी जानकारी विस्तार से नीचे बताया है इसके साथ कुछ Usefull Tips भी बताया है अंत तक जरूर पढ़े। 


2. चित्रकूट कैसे पहुँचे — दिल्ली से पूरी गाइड

चित्रकूट में रेलवे स्टेशन है जिसका नाम चित्रकूट धाम है और यहां के लिए दिल्ली मुंबई से डायरेक्ट ट्रेन भी है यहां पर आप बस से भी आ सकते हैं और प्रयागराज ये यहां के लिए रेगुलर बस मिल जाती है। चित्रकूट में एयरपोर्ट भी है


दिल्ली से चित्रकूट कैसे जाएं? दूरी, समय और किराया

मुख्य स्टेशन / रूट यात्रा का माध्यम किलोमीटर समय किराया (₹)
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन → चित्रकूट धाम करवी ट्रेन 670 किमी 10–12 घंटे 250 – 1500
ISBT कश्मीरी गेट → चित्रकूट बस 690 किमी 12–14 घंटे 800 – 1800
यमुना एक्सप्रेसवे मार्ग → चित्रकूट प्राइवेट कार 670 किमी 10–11 घंटे 5000 – 8000
दिल्ली → प्रयागराज एयरपोर्ट → चित्रकूट फ्लाइट + टैक्सी 650 किमी 1.5 + 3 घंटे 3000 – 7000


हनुमान धारा टेंपल

हनुमान धारा मंदिर – धार्मिक और पर्यटन महत्व

चित्रकूट की सारी प्लेसेस घूमने के लिए मैने ऑटो रिक्शा बुक किया था आप चाहे तो रेंटल बाइक या स्कूटी ले सकते है इन सारी प्लेसेस को घूमने के लिए मैने उनको ₹400 रुपए दिए थे अगर आप रेंट पर स्कूटी लेते है तो वो भी इतने का पड़ जाता है। हनुमान धारा टेंपल चित्रकूट शहर से लगभग 2 से 4 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है और यहां पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है। 

रोड अगर अच्छे होंगे तो इससे भी कम समय में पहुंच सकते हैं अगर आप चित्रकूट मुख्य बाजार या राम घाट से आते हैं तो आप ऑटो, टैक्सी या निजी वाहन से यहां पर पहुंच सकते हैं आपको कोई परेशानी नहीं होगी और आसानी से वाहन मिल जाते हैं।

यह मंदिर पहाड़ी क्षेत्र में बना हुआ है और यहां पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियों के माध्यम से ऊपर हनुमान मंदिर पहुंचना होगा जो लगभग 700 सीढ़ियां हैं। और ऊपर मंदिर तक पहुंचने में 10 से 15 मिनट का समय लगता है अगर आप पैदल ऊपर नहीं चढ़ना चाहते तो आप पालकी से भी जा सकते हैं जिसके वो ₹1000 चार्ज करते हैं लेकिन आप बार्गेनिंग भी कर सकते हैं। मै सुबह 7 बजे गया था तो इसलिए मुझे यहां कोई भी श्रद्धालु दिखाई नहीं पड़ा। शायद मैं जल्दी आ गया था। मंदिर के पास प्राकृतिक झरना भी बहता है। जो ऊंचाई से गिरता हुआ पानी और भी खूबसूरत दिखाई देता है 

जल धारा - झरना


धार्मिक मान्यता है कि इसे हनुमान धारा इसलिए कहते हैं क्योंकि हनुमान जी ने लंका दहन करने के बाद उनके शरीर में जलन होने लगी थी तब श्री राम जी ने इस धारा का सुझाव दिया और यहां आकर अनुमान जी ने स्नान करके अपनी जलन मिटाई तब से इस धारा का नाम हनुमान धारा पड़ा।
 
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. हनुमान धारा मंदिर किसके लिए प्रसिद्ध है?

यह मंदिर भगवान हनुमान जी और प्राकृतिक जलधारा के लिए प्रसिद्ध है।

2. हनुमान धारा मंदिर कहां स्थित है?

यह मंदिर चित्रकूट में स्थित है।

3. यहां जाने का सबसे अच्छा समय क्या है?

अक्टूबर से मार्च।

सती अनसूया मंदिर


सती अनसूया मंदिर का धार्मिक महत्व

यह एक धार्मिक आस्था का केंद्र है अगर आप प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण की तलाश में हैं तो ये जगह आपके लिए बेस्ट है। यह एक पवित्र मंदिर है जो चित्रकूट के घने जंगलों और मंदाकिनी नदी के किनारे बसा हुआ है माना है कि यहां माता अनसूया ने कठोर तपस्या की थी जिसके कारण ये मंदिर अन्य मंदिर की तुलना में काफी पवित्र मंदिर माना जाता है।

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार माता अनसूया महर्षि अत्रि की पत्नी थी और अपनी पवित्रता शक्ति के लिए जानी जाती है ये भी माना जाता है कि यहां दर्शन करने से परिवार में सुख शांति बनी रहती है। यहां भक्तों की भीड़ सोमवार और पूर्णिमा के दिन दिखाई देती है 

माता अनसूया मंदिर जाने वाले रास्ते ज्यादा अच्छे नहीं हैं और यहां पहुंचने के लिए राम धारा से लगभग 15 से 16 किलोमीटर की डिस्टेंस की यात्रा करनी पड़ेगी। जो आप 20 से 25 मिनट में कवर कर लेंगे।रास्ते में छोटा सा जंगल भी पड़ता है जहां आपको ढेर सारे बंदर दिखाई देते हैं हिरन और टाइगर भी दिखाई देते हैं।

माता अनसूया मंदिर फ्रंट में और पहाड़ बैक साइड में दिखाई देते हैं मंदिर के सामने एक नदी भी बह रही है जिसे मंदाकिनी नदी कहते हैं जो इस जगह को और भी सुंदर बनता है।

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. सती अनसूया मंदिर किसके लिए प्रसिद्ध है?
यह मंदिर माता अनसूया की तपस्या और धार्मिक कथा के लिए प्रसिद्ध है।

2. मंदिर तक पहुंचने में कितना समय लगता है?
चित्रकूट से लगभग 30 से 40 मिनट।

3. क्या यहां पार्किंग की सुविधा है?
हाँ, मंदिर परिसर के पास पार्किंग उपलब्ध है।

गुप्त गोदावरी टेंपल - रहस्यमय गुफाओं का तीर्थ स्थल 

अगर आप धार्मिक आस्था के साथ साथ प्राकृतिक रहस्यों को जानने में दिलचस्पी रखते हैं तो ये जगह आपके लिए सही है यह जगह अपने रहस्यमय गुफाओं और जलधारा के लिए प्रसिद्ध है हर साल हजारों टूरिस्ट्स श्रद्धालु और स्थानीय लोग यहां घूमने के लिए आते हैं यहां पर दो गुफाएं है पहला जहां माना जाता है कि श्री राम जी अपने वनवास के दौरान इस गुफा में दरबार लगाया था और दूसरा ये भी माना जाता है कि यहां बहने वाली पतली धारा अंदर जाते ही अदृश्य हो जाती है जिसे गुप्त गोदावरी के नाम से जाना जाता है।

गुप्त गोदावरी टेंपल मेन चित्रकूट से 17 से 18 किलोमीटर की डिस्टेंस पर पड़ता है जो आप 30 से 35 मिनट में आराम से पहुंच जाते हैं। गुफा के अंदर जाने से पहले आपको टिकट लेना होगा जोकि एडल्ट के ₹20 और 3 साल से 12 साल के बच्चों के लिए ₹10 रुपए का पड़ता है 

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. गुप्त गोदावरी क्यों प्रसिद्ध है?
यह रहस्यमयी गुफाओं और अंदर बहने वाली पवित्र जलधारा के लिए प्रसिद्ध है।

2. क्या गुफा के अंदर पानी रहता है?
हाँ, छोटी गुफा में टखनों तक पानी रहता है जिसमें चलकर दर्शन किए जाते हैं।

3. क्या यहां परिवार के साथ जा सकते हैं?
हाँ, यह स्थान परिवार और बच्चों के लिए सुरक्षित है, लेकिन फिसलन से सावधानी रखें।

चित्रकूट की स्फटिक शिला


चित्रकूट की स्फटिक शिला – पौराणिक महत्व और इतिहास 

मध्यप्रदेश के सीमा पर स्थित एक पवित्र तीर्थ नगरी सदियों से श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र रही है माना जाता है कि वनवासकाल के दौरान भगवान श्री राम और माता सीता यही पर विराजमान हुए थे और जो शिला पर पद चिन्ह दिखाई दे रहे हैं वो श्री राम और माता सीता जी के पदचिन्ह है और ये भी कहा जाता है कि जब इंद्र पुत्र जयंत ने कौवे का रूप धारण कर माता सीता जी को चोंच मारकर चोट पहुंचाने की कोशिश की थी तब श्री राम जी ने उनका एक आंख फोड़ दिया था तभी से कौवे के पास एक ही आंख है और वो उसी से देखता है 

स्फटिक शिला मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है यहां का शांत वातावरण, बहती मंदाकिनी नदी की आवाजें और पेड़ पौधों की हरियाली मन को सुकून देने वाला है। सुबह और शाम यहां पर मन को लुभाने वाला होता है श्रद्धालु यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं और नदी में स्नान कर पुण्य प्राप्त करते हैं। 

यहां आप आसानी से आ सकते हैं। राम घाट और स्फटिक शिला दोनों मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है और इनके बीच की दूरी लगभग 2 से 3 किलोमीटर की है पैदल 20 से 25 में आप यहां पहुंच जाते हैं। ऑटो रिक्शा से भी आप यहां आ सकते हैं जो यहां के ₹10 से ₹15 रुपए चार्ज करते हैं।

कामद नाथ टेंपल


कामदनाथ मंदिर - कामना पूर्ण 

कामदनाथ मंदिर कामदगिरी पर्वत के पास स्थित है और यह स्थान राम घाट, स्फटिक शिला, हनुमान धारा और गुप्त गोदावरी टेंपल की तरह प्रसिद्ध धार्मिक आस्था का केंद्र है

मान्यता है कि वनवास काल के दौरान श्रीराम, माता सीता, और श्री लक्ष्मण ने अपना ज्यादातर समय चित्रकूट में ही निवास किया था और कामदगिरि पर्वत को श्री राम का स्वरूप भी माना जाता है यहीं की कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है इसीलिए इस पर्वत को कामना पूर्ण करने वाले भगवान के रूप में पूजा जाता है कामदगिरि पर्वत लगभग 5 किलोमीटर तक फैली हुई है और परिक्रमा पूरी करने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है। परिक्रमा के दौरान कई छोटे छोटे मंदिर भी मिलेंगे जहां आप दर्शन कर सकते हैं और परिक्रमा नंगेपाव की जाती है।

विशेष अवसरों पर यहां काफी भीड़ भाड़ देखने को मिलेगी जैसे अमावस्या, दिवाली मकरसंक्रानी और रामनवमी। सुबह 7 बजे यहां आते हैं तो भीड़ भाड़ से बचे रहेंगे। मंदिर सुबह 5 से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5 से रात 9 बजे तक खुली रहती है। यहां आप आसानी से पहुंच सकते हैं मंदिर की दूरी स्फटिक शिला से लगभग 3 से 4 किलोमीटर की है पैदल आप 40 से 45 में पहुंच सकते हैं।

राम घाट - चित्रकूट

राम घाट - चित्रकूट 

राम घाट मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है यह चित्रकूट का सबसे प्रसिद्ध और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है रोजाना हज़ारों श्रद्धालुओं की भीड़ यहां आती है यहां मान्यता है कि भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान मंदाकिनी नदी में स्नान किया था इसीलिए इस जगह का नाम राम घाट के नाम से जाना जाता है।

श्रद्धालु यहां दीपदान करते हैं सुबह और शाम की आरती में भाग लेते है और नौका विहार का आनंद लेते हैं जो₹300 रुपए चार्ज करते हैं और लगभग आधे घंटे की राइड होती है। सुबह की आरती लगभग 5 बजे और शाम की आरती 6 से शुरू हो जाती है।धार्मिक मान्यता है कि नदी में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। कामदनाथ मंदिर से राम घाट की दूरी लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर है। पैदल आप 15 से 20 मिनट में पहुंच जाएंगे।


4. चित्रकूट घूमने का बेस्ट टाइम 

अक्टूबर से मार्च – सबसे अच्छा समय

चित्रकूट घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च माना जाता है क्योंकि मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। मंदिर के दर्शन और परिक्रमा करने में आसानी होगी। इस समय फोटोग्राफी के लिए अच्छा समय माना जाता है इस दौरान टेंपरेचर 10 से 25 डिग्री के आस पास रहता है जो यात्रा और परिक्रमा के लिए अनुकूल है।

जुलाई से सितंबर – हरियाली का मौसम

मानसून के समय चित्रकूट में हरियाली बेहद सुंदर लगने लगते हैं मंदाकिनी नदी का सौंदर्य बढ़ जाता है लेकिन बारिश के टाइम थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती हैं 

अप्रैल से जून – गर्मी का मौसम

इस समय टेंपरेचर अपने चरम सीमा पर होता है लगभग 30 से 45 डिग्री के आस पास, इस टाइम यहां आना सही नहीं होगा क्योंकि तेज धूप रहेगी परिक्रमा करने पर आपके पांव जलेंगे छाले पड़ जाएंगे लेकिन आप सुबह 5 से 8 बजे और शाम 6 से 9 के आस पास यहां आ सकते हैं 

यात्रा टिप्स

1. सुबह जल्दी दर्शन करें
2. अक्टूबर से मार्च का समय चुनें
3. भीड़ वाले दिनों में होटल पहले से बुक करें
4. परिक्रमा के लिए आरामदायक कपड़े पहनें
5. पानी और जरूरी सामान साथ रखें

5. चित्रकूट घूमने में कितना खर्चा आएगा 

अब मैं आपको बताता हु चित्रकूट घूमने में आपका क्या खर्चा आएगा। इससे पहले मै आपको बता देता हूं कि मैने ये सारी प्लेसेस 1 दिन में कवर किया था तो आपको भी एक दिन से ज्यादा का समय नहीं लगेगा।

चित्रकूट घूमने में 1 दिन का अधिकतम खर्च (Budget Breakdown)

अगर आप जानना चाहते हैं कि चित्रकूट घूमने में कितना खर्चा आएगा, तो नीचे 1 दिन के हिसाब से पूरा मैक्सिमम बजट ब्रेकडाउन दिया गया है।

खर्च का प्रकार न्यूनतम खर्च (₹) अधिकतम खर्च (₹)
होटल (नॉन AC) 700 900
होटल (AC) 1000 1200
खाने-पीने का खर्च 500 500
ट्रांसपोर्टेशन 500 600
कुल (AC होटल के साथ) 2000 2300

👉 यानी अगर आप 1 दिन में चित्रकूट घूमते हैं, तो आपका कुल खर्च लगभग ₹2000 से ₹2300 प्रति व्यक्ति तक हो सकता है।

तो दोस्तों ये जानकारी आपको कैसी लगी अगर आपको पसंद आया तो हमें फॉलो करना न भूले मिलते हैं अगले पोस्ट में अभी के लिए धन्यवाद।

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